

BLO की एक छोटी सी लापरवाही और उसके नतीजे आम आदमी के लिए बहुत भारी पड़ गए।
हकीकत ये है कि करीब 80% लोगों ने अपना फॉर्म सही तरीके से भरा था, ऑनलाइन फीडिंग में दिए गए ऑप्शन के अनुसार तीसरा विकल्प चुनकर। लेकिन उसी एक विकल्प की वजह से उनका नाम “Neither / Other” कैटेगरी में चला गया और बाद में वही उनके लिए परेशानी बन गया।
इसी कारण से सही फॉर्म भरने वालों को भी “नो मैपिंग”, “डिस्क्रेपेंसी” और नोटिस का सामना करना पड़ रहा है। जो लोग सालों से वोट डाल रहे हैं, जिनका नाम लिस्ट में पहले से है, आज वही लोग अपनी नागरिकता और पहचान साबित करने के लिए कागज़ लेकर दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
दूसरी तरफ ज़मीनी सच्चाई ये है कि ऐसे लोगों को BLO बना दिया गया है जिन्हें न तो पूरी प्रक्रिया की जानकारी है और न ही डिजिटल सिस्टम की समझ। कई BLO को आज भी न ऐप चलाना आता है, न मैपिंग और कैटेगरी का मतलब पता है। ऐसे में उनसे सही वेरिफिकेशन की उम्मीद करना ही गलत हैl
Rehan Ahmad Siddiqui





