

निवाड़ी। निवाड़ी कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे ने जिले के नवाचार आधारित युवाओं, स्टार्टअप उद्यमियों एवं स्वरोज़गार के इच्छुक नागरिकों को केंद्र सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित स्टार्टअप योजनाओं की जानकारी देते हुए इनका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप न केवल रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम हैं, बल्कि जिले के समग्र आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कलेक्टर ने बताया कि भारत सरकार की स्टार्टअप इंडिया योजना के अंतर्गत पात्र उद्यमी आधिकारिक पोर्टल https://www.startupindia.gov.in/ पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके साथ ही उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) से मान्यता प्राप्त करने हेतु https://services.dpiit.gov.in/lms/memberRegistration पर आवेदन किया जा सकता है। DPIIT मान्यता मिलने से स्टार्टअप्स को विभिन्न कर छूट, सरकारी निविदाओं में प्राथमिकता एवं अन्य सुविधाओं का लाभ मिलता है।
श्रीमती जमुना भिडे ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्टार्टअप्स को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति के अंतर्गत कई योजनाएं लागू की गई हैं। इनमें Entrepreneurs in Residence (EIR) योजना प्रमुख है, जिसके माध्यम से नवोदित उद्यमियों को स्टार्टअप की स्थापना एवं संचालन के लिए मार्गदर्शन एवं वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। EIR योजना के अंतर्गत चयनित पात्र उद्यमियों को एक वर्ष तक ₹10,000 प्रतिमाह का वित्तीय अनुदान दिया जाता है।
उन्होंने आगे बताया कि स्टार्टअप्स को वित्तीय रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत ऋण पर अधिकतम 5 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, स्टार्टअप्स को उनकी प्रकृति एवं आवश्यकता के अनुसार 15 से 18 प्रतिशत तक अतिरिक्त वित्तीय अनुदान प्रदान किए जाने का भी प्रावधान है, जिससे नवाचार आधारित उद्यमों को गति मिल सके।
कलेक्टर ने कहा कि जिले के युवा नवीन विचारों, तकनीक, कृषि आधारित नवाचार, लघु उद्योग, सेवा क्षेत्र एवं डिजिटल स्टार्टअप्स के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। प्रशासन द्वारा स्टार्टअप से जुड़े उद्यमियों को आवश्यक मार्गदर्शन, परामर्श एवं विभागीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
अंत में कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे ने जिले के सभी योग्य एवं इच्छुक युवाओं से अपील की कि वे इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोज़गार को अपनाएं, नए रोजगार के अवसर सृजित करें तथा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश एवं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में योगदान दें।




