
कोरबा :- कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कोरबा विकासखंड के ग्राम करमंदी व करतला विकासखंड के ग्राम जोगीपाली में अवैधानिक तरीके से कूटरचित कर तैयार किए गए कुल 34 फर्जी वनाधिकार पट्टा को निरस्त किया है। साथ ही उक्त भूमि को पूर्ववत छत्तीसगढ़ शासन मद में दर्ज कर राजस्व अभिलेख दुरुस्त करने सम्बंधित तहसीलदार को आदेशित किया है। जिसके तहत ग्राम करमंदी में 29 फर्जी वनाधिकार पट्टा एवं ग्राम जोगीपाली में 05 वनाधिकार पट्टा को निरस्त किया है।
कलेक्टर ने ग्राम करमंदी के ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर जनचौपाल में प्रस्तुत शिकायत के आधार पर जारी अवैधानिक पट्टों में अधिकारियों का हस्ताक्षर प्रथम दृष्टया फर्जी व बनावटी होने से दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर फर्जी पट्टे को निरस्त करने हेतु एसडीएम कोरबा व सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को निर्देश दिए थे। एसडीएम कोरबा व एसी ट्राइबल से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर ग्राम कर मंदी में 29 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र कूटरचित कर बनाया जाना सही पाया गया। जिसको निरस्त करते हुए कूटरचित वन अधिकार पत्र को पटवारी के कम्प्यूटर में दर्ज की गई ऑनलाइन व्यवस्था से हटाने एवं जब्ती की कार्यवाही जिला प्रशासन द्वारा की गई है एवं उक्त भूमि को पूर्ववत राजस्व अभिलेखों में शासकीय भूमि बड़े झाड़ के जंगल मद में दर्ज किया गया हैं। साथ ही दोषी व्यक्तियों के पर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
इसी प्रकार ग्राम जोगीपाली के ग्रामीणों ने ग्राम के खसरा नंबर 29 बड़े झाड़ के जंगल मद में दर्ज भूमि पर वनाधिकार पट्टा प्रदाय करने एवं फर्जी वनाधिकार पट्टा को निरस्त किए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। पट्टे को निरस्त किया है एवं उक्त भूमि को पूर्ववत छत्तीसगढ़ शासन मद में दर्ज करने तथा राजस्व अभिलेख दुरुस्त करने सम्बंधित तहसीलदार को आदेशित किया है।




