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“बस्ती में ‘हवा’ हुई व्यवस्था: रसूख की आंच पर उबल रहे उपभोक्ता, गैस एजेंसी की दबंगई का वीडियो वायरल”

"खाकी का खौफ न कानून का डर: लालगंज में गैस संचालक की खुली धमकी—'जो करना है कर लो'"

अजीत मिश्रा (खोजी)

🚨दबंगई की ‘आंच’ पर सिस्टम: गैस के लिए लाइन में जनता, पीछे से हो रहा ‘खेल’?

🚨”स्कूलों के बीच ‘बारूद’ का ढेर: नियमों को ठेंगे पर रख चल रही गैस एजेंसी, क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है प्रशासन को?”

उत्तर प्रदेश

बस्ती।। जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में उपभोक्ताओं के हक पर डाका डालने और रसूख के दम पर नियम-कानून को ठेंगे पर रखने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। लालगंज बाजार स्थित ‘उदय एचपी ग्रामीण वितरक, बारीघाट’ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी और अधिकारियों की चुप्पी की पोल खोलकर रख दी है।

🚨लाइन में उपभोक्ता, पिछवाड़े से ‘सप्लाई’

वायरल वीडियो में जो तस्वीर उभर रही है, वह हैरान करने वाली है। जहाँ एक तरफ भीषण किल्लत के बीच उपभोक्ता घंटों लंबी लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, वहीं आरोप है कि एजेंसी के पीछे के हिस्से से अवैध तरीके से गैस सिलेंडरों को ठिकाने लगाया जा रहा है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने संचालक पर खुलेआम कालाबाजारी का आरोप लगाया है।

🚨’जो उखाड़ना है उखाड़ लो’… पुलिस के सामने भी दबंगई

हैरानी की बात यह है कि संचालक के भीतर न तो कानून का भय है और न ही प्रशासन का। वीडियो में वह उपभोक्ताओं को न केवल धमकी देता नजर आ रहा है, बल्कि पुलिस की मौजूदगी की परवाह किए बिना ‘जो करना है कर लो’ जैसी चुनौती भी दे रहा है। संचालक की यह दबंगई साफ दर्शाती है कि उसे शायद ऊपर से ‘अभयदान’ प्राप्त है।

🚨तीन स्कूलों के बीच ‘बारूद का ढेर’

मामला सिर्फ कालाबाजारी तक सीमित नहीं है। यह एजेंसी नियमों को ताक पर रखकर तीन विद्यालयों के बीच संचालित हो रही है। घनी आबादी और बच्चों की मौजूदगी के बीच गैस गोदाम का संचालन किसी बड़े हादसे को दावत दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि:

🚨कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने आँखें मूंद रखी हैं।

🔥सुरक्षा मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

🤙अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं।

🚨अधिकारियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद अब गेंद जिला प्रशासन और रसद विभाग के पाले में है। आखिर क्यों बार-बार शिकायत के बाद भी इस संचालक पर कार्रवाई नहीं हुई? क्या कालाबाजारी के इस खेल में सिस्टम के कारिंदे भी शामिल हैं? जनता अब इन सवालों का जवाब चाहती है।

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