
जावरा –खाटू श्याम मंदिर से रविवार की शाम को प्रारंभ हुई श्री हरि से हर का मिलन यात्रा को निहारने के लिए बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। यात्रा चालू ही नहीं हुई और खाटू श्याम मंदिर के आसपास लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। उक्त यात्रा में राधा कृष्ण का नृत्य, माँ कालिका का रोद्र रूप, हनुमान जी की उड़ान, अघोरी के तांडव और आदिवासी नाच मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहे।
यात्रा में सबसे आगे आदिवासी युवक-युवतियां ढोलक व थाली की आवाज पर नाचते-गाते चल रहे थे। यह नाच-गाना भी लोगों को बहुत पसंद आया।
महाकाल झांकी ग्रुप ब्यावर के कलाकारों ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। माँ कालका का रूप धरे कलाकार ने जलती आग का खप्पर हाथ में लेकर मुँह से खून टपकाते हुए तांडव कर जनता का मन मोह लिया। नटखट बालाजी बनें कलाकार की कला भी काबिले तारीफ रही। हनुमान के रूप में सजे-धजे कलाकार की मुद्रा व प्रदर्शन भी देखने लायक था। यात्रा में राधा-कृष्ण के रूप में कलाकारों को भजनों पर झूमते,गाते,नाचते हुए देखने के लिए भारी भीड़ मौजूद रही। एक अन्य झांकी में भोलेनाथ के साथ अघोरी विराजमान थे। इन सब दृश्यों को अपने मोबाइल में कैद करने को जनता आतुर दिखाई दी। जिसे देखो वही मोबाईल हाथ में लिए वीडियो बनाता रहा। अनेक लोग तो कलाकारों के साथ सेल्फी लेते नजर आए।
राजेश भरावा मित्र मंडल व सेवा भावी मित्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में निकाली गई । 2 वर्षो से यात्रा का आयोजन हो रहा है। सावन माह के दौरान ही यात्रा निकलती है, जिसे देखने के लिए जनता उत्साहित रहती है।
जागनाथ मंदिर पर हुवा यात्रा का समापन|
नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई श्री हरि से हर का मिलन यात्रा जागनाथ महादेव मंदिर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह अनेक संस्थाओं ने इसका स्वागत किया। प्रारंभ में डीपी धाकड़, राजेश भरावा आदि ने खाटू श्याम बाबा की आरती की। इस अवसर पर भरावा मित्र मंडल की ओर से भक्तों का स्वागत किया गया|
जावरा –खाटू श्याम मंदिर से रविवार की शाम को प्रारंभ हुई श्री हरि से हर का मिलन यात्रा को निहारने के लिए बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। यात्रा चालू ही नहीं हुई और खाटू श्याम मंदिर के आसपास लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। उक्त यात्रा में राधा कृष्ण का नृत्य, माँ कालिका का रोद्र रूप, हनुमान जी की उड़ान, अघोरी के तांडव और आदिवासी नाच मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहे।



