
सुभाष चंद्र बोस एक महान देशभक्त-शिवानी जैन एडवोकेट
ऑल ह्यूमन सेव एंड फॉरेंसिक फाउंडेशन डिस्टिक वूमेन चीफ शिवानी जैन एडवोकेट ने कहा कि
भारत के इतिहास में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के समान कोई व्यक्तित्व दूसरा नहीं हुआ, जो एक महान सेनापति, वीर सैनिक, राजनीति के अद्भुत खिलाड़ी और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नेताओं के समकक्ष बैठकर कूटनीति तथा चर्चा करने वाला हो।
थिंक मानवाधिकार संगठन एडवाइजरी बोर्ड मेंबर एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉ कंचन जैन ने कहा कि’नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने हमारे देश की आजादी के लिए 18 अगस्त, 1945 को अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। उनके अवशेष जापान के रेंकोजी मंदिर में रखे गए हैं। राष्ट्र की ओर से अपील की गई थी कि उनके अवशेषों को भारत लाया जाना चाहिए, क्योंकि नेताजी स्वतंत्र भारत वापस आना चाहते थे, लेकिन वे नहीं आ सके क्योंकि उनकी मृत्यु हो गई थी।’
उन्होंने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद बोस ताईवान के ताईहोकु में विमान दुर्घटना में बुरी तरह घायल हुए, बाद में एक सैन्य अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई, हालांकि उनकी मृत्यु का रहस्य आज तक बरकरार है।
मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक डॉ एच सी विपिन कुमार जैन, संरक्षक आलोक मित्तल एडवोकेट, ज्ञानेंद्र चौधरी एडवोकेट, डॉ राजेंद्र कुमार, निदेशक डॉ नारायण चौधरी,
शार्क फाउंडेशन की तहसील प्रभारी डॉ एच सी अंजू लता जैन, बीना एडवोकेट आदि ने कहा कि सन 1928में स्वतंत्रता आंदोलन को धार देने के लिए उन्होंने भारतीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन के दौरान स्वैच्छिक संगठन गठित किया। नेताजी इस संगठन के जनरल ऑफिसर-इन-कमांड चुने गए।
उन्होंने कहा कि नेताजी कहते थे कि
स्वतंत्रता ही जीवन है, अगर स्वतंत्रता नहीं है तो जीवन का कोई महत्व नहीं है”स्वतंत्रता का महत्व अत्यंत है, क्योंकि यह जीवन को संपूर्णता और अर्थ देती है, बिना स्वतंत्रता के, जीवन बेकार और निरर्थक प्रतीत होता है।
शिवानी जैन एडवोकेट
डिस्ट्रिक्ट वूमेन चीफ




