
वंदेभारतलाइवटीव न्युज, सोमवार 26 जनवरी 2026
सभी देशवासी माताओं बहनों भाईयों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई शुभकामनाऐं।।
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=====> प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के केदारनाथ, बद्रीनाथ, और यमुनोत्री धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर रोक लगाई जा सकती है। रविवार 25 जनवरी को बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि दोनों धामों सहित मंदिर समिति के अधीन आने वाले सभी मंदिरों में गैर हिंदू समुदाय के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी और इसके लिए आगामी बोर्ड की बैठक में इसको लेकर प्रस्ताव भी पारित किया जायेगा। मंदिर को लेकर यह बयान ऐसे समय पर आया जबकि देशभर से भक्तगण चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड जाते है। बद्रीनाथ केदारनाथ और यमुनोत्री धाम मे गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर आए बयान के बाद अब यह सवाल भी सामने आ रहा है कि यदि बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास हो जाता है तो फिर क्या सही में धामों में गैर हिंदू यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगाई जा सकेगी? इस सवाल का जवाब भी उस कानून में छिपा है जिसके अंतर्गत मंदिर समिति बनाई गई है। केदारनाथ बद्रीनाथ धाम में गैर हिंदू यात्रियों के प्रवेश को लेकर जो बात सामने आई है वह मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के बयान के माध्यम से आई है। मंदिर समिति के अध्यक्ष ने कहा कि देवभूमि की धार्मिक, सांस्कृतिक परंपराओं का पालन करना भी जरूरी है। इसीलिए समिति अपने अधिनस्थ मंदिरों में गैर हिंदू यात्रियों के प्रवेश को लेकर एक प्रस्ताव लाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी यह निर्णय नहीं हुआ बल्कि यह कहा गया कि आगामी बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास किया जायेगा। इसका मतलब है कि यह मामला इस समय प्रस्तावित निर्णय के आधार पर सामने है। श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति का गठन द यूपी श्री बद्रीनाथ- श्री केदारनाथ मंदिर एक्ट 1939 के अंतर्गत किया गया था। यह कानून मंदिरों के बेहतर प्रशासन प्रबंधन के लिए बनाया गया था। इस अधिनियम में समिति की सरंचना उसके अधिकार, मंदिर के संचालन, की व्यवस्था बनाए रखने और नियम बनाने से जुड़ी हुई बातें तय की गई है। समिति के पास मंदिरो के प्रशासन और व्यवस्था को लेकर फैसला करने का अधिकार भी इसी कानून के अंतर्गत आता है। 1939 के इस अधिनियम में समिति को बायलाॅज बनाने का प्रभावी अधिकार भी दिया गया है, जिनके माध्यम से मंदिर के अंदर व्यवस्था संचालन और मंदिर में प्रवेश को लेकर नियम तय किए जा सकते हैं। इस अधिनियम में यह भी स्पष्ट है कि बायलाॅज प्रभावी करने के लिए उन्हें निर्धारित तरीके से प्रकाशित करना और राज्य शासन से पुष्टि जैसी प्रक्रिया भी अहम हो जाती है, इसलिए मात्र प्रस्ताव पास करना ही आखिरी कदम नही हो सकता बल्कि उसके बाद यह भी देखना होग् कि नियम किस प्रक्रिया से लागू किया गया है। देशभर से बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में श्रद्धालु भक्तजन हर वर्ष पहुंचते हैं, ऐसे में गैर हिंदू यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगाने की यह बात सामने के बाद असमंजस बढ़ना स्वभाविक भी है।







