दरभंगाबिहार

कमतौल में हेनिमैन जयंती पर स्वास्थ्य जागरूकता

दरभंगा के कमतौल में हेनिमैन जयंती पर होम्योपैथी जागरूकता कार्यक्रम और मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, लोगों को सुरक्षित इलाज के प्रति किया गया जागरूक।

होम्योपैथी के महत्व को लेकर हुआ विशेष आयोजन

कमतौल, दिनांक —
दरभंगा जिले के कमतौल में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन डॉ. सी. आर. शर्मा के क्लिनिक पर किया गया। अवसर था होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हेनिमैन की जयंती का।

कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ पहुंचे। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों की भी अच्छी भागीदारी रही। सभी ने मिलकर डॉ. हेनिमैन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।


श्रद्धांजलि के साथ जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति से हुई। दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके बाद होम्योपैथी पद्धति पर चर्चा का दौर चला।

इस दौरान डॉ. शर्मा ने होम्योपैथी के सिद्धांतों और उसके प्रभाव पर प्रकाश डाला।

“यह पद्धति शरीर को प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ बनाती है और रोग की जड़ पर काम करती है,” — डॉ. शर्मा


सुरक्षित और किफायती इलाज पर चर्चा

डॉ. शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि होम्योपैथी आज के समय में एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चिकित्सा पद्धति—

  • शरीर के संतुलन को बनाए रखती है
  • दुष्प्रभाव की संभावना बहुत कम होती है
  • लंबे समय तक असर दिखाती है
  • आर्थिक रूप से भी किफायती है

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस पद्धति के प्रति जागरूक हों और आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग करें।


मुफ्त स्वास्थ्य जांच से लोगों को राहत

कार्यक्रम के साथ-साथ एक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। इसमें कई लोगों ने हिस्सा लिया।

शिविर में दी गई सुविधाएं:

  • सामान्य स्वास्थ्य जांच
  • रोगों की पहचान
  • विशेषज्ञ परामर्श
  • उचित उपचार की सलाह

ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने इस पहल की सराहना की।


आयोजन की मुख्य झलकियां

विषयविवरण
स्थानकमतौल, दरभंगा
अवसरहेनिमैन जयंती
आयोजन स्थलडॉ. सी. आर. शर्मा का क्लिनिक
प्रमुख गतिविधिजागरूकता कार्यक्रम
विशेष आकर्षणनि:शुल्क स्वास्थ्य जांच

भविष्य में और कार्यक्रम होंगे आयोजित

कार्यक्रम के अंत में आयोजक ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन आगे भी जारी रहेंगे।

उद्देश्य साफ है।
अधिक से अधिक लोगों तक होम्योपैथी के लाभ पहुंचाना।

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल को सकारात्मक बताया और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों की अपेक्षा जताई।

Sitesh Choudhary

चढ़ते हुए सूरज की परस्तिश नहीं करता, लेकिन, गिरती हुई दीवारों का हमदर्द हूँ।
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