
शौर्य व समरसता दिवस पर साहित्यिक रंग—काव्य गोष्ठी में गूंजीं विविध सुरलहरी
झालावाड़ 11 दिसंबर। शौर्य दिवस एवं समरसता दिवस के उपलक्ष में वरिष्ठ साहित्यकार अशोक सोनी डग एवं कवि-संगीतकार सौरभ सोनी के संयोजन में गत दिवस 6 दिसंबर, रविवार शाम गायत्री कॉलोनी स्थित उनके निज आवास (श्रीराम जानकी मंदिर के पीछे) पर भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेश निगम ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रकाश चंद्र सोनी ‘यौवन’ उपस्थित रहे। मंच सानिध्य अशोक सोनी डग का रहा। अतिथियों द्वारा मां शारदा के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ समारोह की शुरुआत हुई। सौरभ सोनी ने सरस्वती वंदना तथा तुलसीराम तुलसी ने परिषद गीत प्रस्तुत कर माहौल में साहित्यिक दिव्यता भर दी।
अतिथियों के तिलक एवं माल्यार्पण के पश्चात हेमन्त चौरसिया ने झालावाड़ की साहित्यिक धरा, युवा रचनाकारों के प्रोत्साहन तथा सर्वभाषा साहित्य विकास पर अपने विचार व्यक्त किए।
गोष्ठी में कवि एवं साहित्यकार—डॉ. शशि भूषण शरण पांडेय, चैतन्य शर्मा, प्रवीण भाटिया, दानिश अहमद, जगदीश नारायण सोनी, राकेश नैय्यर, कृष्णसिंह, तुलसीराम तुलसी, कमल नयन अरोड़ा, धनीराम समर्थ, परमानंद भारती, खुशी सोनी, प्रीतिमा पुलक, पंकज खंडेलवाल, नरेन्द्र दुबे व बनेसिंह ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
रोशनी चौरसिया ने बुंदेलखंडी गीत, सौरभ सोनी ने “मैं रहूं या ना रहूं हिंदुस्तान रहना चाहिए” एवं अशोक सोनी डग ने “बेटियों बचकर रहना मनचलों की चालों से” गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में खास समां बांधा।
कार्यक्रम का सफल संचालन हेमन्त चौरसिया ने किया तथा आभार व्यक्त आयोजक अशोक सोनी डग ने किया।

