

कैमूर में डिजिटल भूमि सुधारों ने पकड़ी रफ्तार, ‘परिमार्जन प्लस’ और ‘ई-मापी’ में अच्छी प्रगति
आज दिनांक 30.01.2026 को जिला पदाधिकारी महोदय कैमूर के द्वारा लिच्छवी भवन में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘राजस्व महा-अभियान’ से संबंधित बैठक आयोजित की गई।
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, कैमूर जिले ने डिजिटल जमाबंदी सुधार (परिमार्जन प्लस) और ई-मापी सेवाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। आज जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिला प्रशासन भूमि विवादों को कम करने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
परिमार्जन प्लस: अधौरा और नुआंव अंचल सबसे आगे
डिजिटलाइज्ड जमाबंदी में सुधार के लिए शुरू किए गए ‘परिमार्जन प्लस’ अभियान में जिले को अब तक कुल 1,16,331 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
अधौरा अंचल ने 91.8% निष्पादन दर के साथ जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
इसके बाद नुआंव (91.7%) और रामगढ़ (91.3%) अंचल का प्रदर्शन सबसे सराहनीय रहा है।
जिले में अब तक कुल 1,01,113 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है।
ऑनलाइन जमाबंदी (लेफ्ट आउट) का सफल क्रियान्वयन
उन रैयतों के लिए जिनकी जमाबंदी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध नहीं थी, जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। जिले के कुल 72,151 आवेदनों में से 63,850 का निष्पादन कर दिया गया है। इस श्रेणी में भी अधौरा (95.2%) और कुदरा (93.1%) अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
जमीन की सरकारी मापी को डिजिटल और सुलभ बनाने हेतु ‘ई-मापी’ पोर्टल पर नागरिकों का उत्साह बढ़ रहा है। भभुआ अंचल में सर्वाधिक 1,495 आवेदन दर्ज किए गए हैं।
जिले भर में अब तक कुल 8,693 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5,648 आवेदकों की मापी रिपोर्ट स्वीकृत कर सीधे उनके पोर्टल पर भेज दी गई है।
मापी के लिए समय निर्धारित करने (Mapi Date Assigned) में प्रशासन ने 95% से अधिक की दक्षता दिखाई है। चाँद और चैनपुर अंचलों में लंबित प्रतिशत को कम करने के लिए अंचल अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
जिला पदाधिकारी महोदय ने सभी अंचल अधिकारियों (CO) और राजस्व कर्मियों को निर्देश दिया है कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करें। विशेष रूप से चैनपुर और चाँद अंचल, जहाँ लंबित मामलों का प्रतिशत थोड़ा अधिक है, उन्हें कार्य में तेजी लाने निदेश दिया गया है ताकि आम जनता को अंचल कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा कहा गया कि जिसका कार्य संतोषजनक होगा उन्हें प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।
यदि आपकी जमीन का रिकॉर्ड अभी भी डिजिटल नहीं हुआ है या जमाबंदी में कोई त्रुटि है, तो आप ‘परिमार्जन प्लस’ पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
( कैमुर से अफसार आलम की रीपोर्ट)
