
गाजीपुर। नगरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। अब खाना पकाने के लिए रसोई गैस सिलेंडरों पर निर्भरता कम होगी, क्योंकि शहर में पाइप लाइन से पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की आपूर्ति शुरू होने जा रही है। यह सुविधा एलपीजी की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत तक सस्ती, अधिक सुरक्षित और प्रदूषण रहित होगी।
शासन ने इस परियोजना की जिम्मेदारी अडानी ग्रुप को सौंपी है। परियोजना के तहत अडानी इंडियन ऑयल ग्रुप को नगर पालिका परिषद से लगभग 37.5 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने की एनओसी मिल चुकी है। यह परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी।
कंपनी के गाजीपुर एवं जौनपुर के जिला इंचार्ज अभय गिरी ने बताया कि पहले चरण में करीब 10 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जाएगी, जिसके माध्यम से लगभग 2000 घरों में पीएनजी की आपूर्ति शुरू होगी। दूसरे चरण में नगर के शेष हिस्सों को भी पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा। शहरी क्षेत्र के इस प्रोजेक्ट पर करीब चार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि शहरी कार्य पूर्ण होने के बाद ग्रामीण इलाकों में भी हर घर तक पाइप लाइन से पीएनजी पहुंचाने की योजना है। इस चरण में लगभग 150 से 200 करोड़ रुपये तक का निवेश संभावित है। पीएनजी की दर प्रति काउंट लगभग 50 रुपये होगी। औसतन एक उपभोक्ता महीने में 10 काउंट गैस का उपयोग करता है। सभी घरों में मीटर लगाए जाएंगे और उसी के आधार पर मासिक बिल जारी किया जाएगा।
जौनपुर से आएगी गैस आपूर्ति
जिला इंचार्ज ने बताया कि गाजीपुर में पीएनजी की आपूर्ति जौनपुर से पाइप लाइन के माध्यम से की जाएगी। सैदपुर तक पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है, जिसे शहर के हेतिमपुर स्थित डीसीयू से जोड़ा जाएगा। यहां से दूसरी पाइप लाइन के जरिए प्रकाश नगर चौराहा से लेकर विश्वेसरगंज तक गैस आपूर्ति होगी।
पहले चरण में इन इलाकों को मिलेगा कनेक्शन
पहले चरण में प्रकाश नगर चौराहा से विश्वेसरगंज तक के करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में पीएनजी कनेक्शन दिए जाएंगे। इसमें बंशी बाजार, विवेकानंद कॉलोनी, सैनिक चौराहा, लंका, सकलेनाबाद और विश्वेसरगंज प्रमुख रूप से शामिल हैं। पीएनजी आपूर्ति शुरू होने से उपभोक्ताओं को सिलेंडर खत्म होने और बार-बार रिफिल कराने की परेशानी से निजात मिलेगी।
चार मुख्य स्टेशन और 12 सब-स्टेशन बनेंगे
परियोजना के तहत जिले में चार मुख्य स्टेशन और 12 सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिनका स्थान सर्वे के बाद तय होगा। कंपनी का लक्ष्य पहले शहर, फिर कस्बों और अंत में गांवों तक गैस पहुंचाना है। पूरी परियोजना को पूरा होने में लगभग 10 वर्ष या उससे अधिक समय लग सकता है।



