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डीएम ने नगर पालिका चुनार कार्यालय का किया औचक निरीक्षण

मीरजापुर। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने चुनार भ्रमण के दौरान नगर पालिका परिषद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भवन मानचित्र पटल, नामांतरण पटल, जन्म मृत्यु काउंटर, डाक सम्बन्धी पटल, काउंटर कक्ष, सत्यापन रजिस्टर, सर्विस बुक, राजस्व वसूली आदि से सम्बन्धित पटल सहायको के कार्यो का पटलवार पहुंचकर निरीक्षण किया तथा कार्य प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान अभिलेखों का रखरखाव दुरुस्त न होने तथा विभिन्न पटलो पर फरियादियों के आवेदन पत्रों को प्राप्ति पंजिका में दर्ज न किए जाने तथा साफ सफाई के कार्यो पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने सभी पटल सहायको को कार्य प्रणाली में व कार्यालय व्यवस्थाओं में सुधार लाने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान शासन द्वारा स्वकर प्रणाली के संबंध में जारी किए गए शासनादेश को लागू कराने के लिए संबंधित प्रक्रिया शुरू कराने हेतु निर्देशित किया। निरीक्षण में अधिकतर पटलों पर जिलाधिकारी द्वारा पटल सहायको के कार्यो व प्रगति के बारे में पूछे गए सवालों पर पटल लिपिको के द्वारा जानकारी न दिये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा संतोषजनक व्यवस्था न मिलने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी को चेतावनी देते हुये निर्देशित किया समय-समय पर स्वंय भी कार्यालय का निरीक्षण कर कर्मचारियों के कार्य प्रणाली में सुधार लाए तथा अभिलेखो को व्यवस्थित ढंग से रखरखाव सुनिश्चित करायें।

उन्होने कहा कि भवन मानचित्र, वरासत आदि कार्यो के लिये फरियादियों के द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्रो को प्राप्ति रजिस्टर बनाकर उनका नाम व दिनांक सहित पूर्ण विवरण दर्ज करने का निर्देश दिया। राजस्व वसूली पटल पर कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त करते हुये बताया गया कि कार्यालय में 04 राजस्व मुहर्रिर तैनात है जिन्हे कार्यालय कार्य में लगाया गया है, जिलाधिकारी ने वसूली प्रगति खराब पाये जाने से नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि नगर पालिका में तैनात चतुर्थ श्रेणी राजस्व मुहर्रिरो को उनके मूल काम वसूली कार्य में जाए तथा वसूली में प्रगति लायी जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जो भी दोषी कर्मचारी होंगे उनके उत्तरदायित्व निर्धारण कर कार्रवाई की जाएगी।

 निरीक्षण के दौरान आवेदन पत्रों को समय से निस्तारित करने के लिए आवेदन रजिस्टर बनाने और कम्प्यूटर की व्यवस्था किए जाने को कहा ताकि रोज का रोज जन्म मृत्यु सम्बन्धित आवेदन का विवरण अंकित किया जा सके। इसके बाद मानचित्र व नामांतरण पटल को देखा जहां उन्हें काफी कमियां मिली। पटल पर गंदगी के साथ अव्यवस्थित अभिलेख मिलने, आवेदन रजिस्टर न बनने, सूचनाओं का अंकन दुरुस्त न मिलने पर जिलाधिकारी ने पटल प्रभारी संजय कुमार को कड़ी फटकार लगाई।

इसके बाद जलकल, मार्ग प्रकाश व सफाई पटल के निरीक्षण पर पटल प्रभारी राहुल कुमार और सहायक गौरव पांडेय कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी को निर्देशित करते हुये कहा कि स्वच्छता पहली प्राथमिकता है ऐसे में सफाई व्यवस्था का रोजाना निरीक्षण करें।

 जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान परिसंपत्तियों के अभिलेखों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि नगर पालिका के अन्तर्गत सम्पत्तियों को चिन्हित कर एक रजिस्टर में दर्ज कर सूची बनायी जाए। जिलाधिकारी को बताया कि नगर के बड़े भूभाग नजूल लैंड व बंजर भूमि पर लोगों ने मकान बनवा रखें हैं इसलिए उन पर कर निर्धारण नहीं हो पा रहा है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उपजिलाधिकारी चुनार के साथ समन्वय स्थापित करके ऐसी भूमि को चिन्हित कराएं और उसको सुरक्षित कराएं। जिलाधिकारी का स्पष्ट निर्देश थे कि नगर में सरकारी भूमि का चयन, चिन्हांकन व संरक्षण किया जाए, ताकि भविष्य में बस स्टैंड, पार्क और वाहन स्टैंड समेत अन्य परियोजनाओं की स्थापना के लिए भूमि की अनुपलब्धता का बहाना न रहे।

इस दौरान उपस्थिति रजिस्टर, जी0पी0एफ0 पासबुक, सेवा पुस्तिका आदि का निरीक्षण करते हुये कर्मचारियों के लम्बित प्रकरण को अविलम्ब निस्तारण का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकरी चुनार राजेश वर्मा, तहसीलदार योगेंद्र शरण शाह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका चुनार राजपति बैस, जेई सौरभ प्रकाश सिंह, ओएस शैलेश यादव, उपस्थित रहें।

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