दरभंगाबिहार

दरभंगा में कहानियों का शानदार मंचन

दरभंगा में अष्टदल महोत्सव के छठे दिन कथा पाठ हुआ। कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। आगामी नाट्य कार्यक्रमों की भी घोषणा की गई।

अष्टदल महोत्सव में साहित्यिक रसधारा

दरभंगा में कथा पाठ ने खींचा ध्यान

दरभंगा स्थित आकाशवाणी परिसर के समीप बहुद्देशीय भवन में अष्टदल महोत्सव के छठे दिन कथा पाठ का आयोजन किया गया। आयोजन में साहित्य और रंगमंच के प्रति रुचि रखने वाले लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम ने शहर के सांस्कृतिक परिवेश को नई ऊर्जा दी।


गरिमामयी माहौल में हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से की गई। अतिथियों का अभिनंदन किया गया। इसके बाद कथा वाचन का क्रम आरंभ हुआ। मंच पर उपस्थित अतिथियों ने आयोजन की सराहना की।

मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता नारायण चौधरी उपस्थित रहे। आकाशवाणी के कार्यक्रम अधिशासी मितेश मिश्रा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विशिष्ट अतिथियों में वेद प्रकाश, प्रकाश बंधु और श्याम भास्कर शामिल रहे।


कथाओं में समाज और संवेदना की झलक

कथा पाठ के दौरान रचनाकारों ने समाज के विभिन्न पहलुओं को अपनी कहानियों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

  • कमलेंद्र चक्रपाणि ने तीन अलग-अलग विषयों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं
    • श्राद्ध
    • डोम
    • स्नेह

इन कथाओं में सामाजिक यथार्थ और मानवीय भावनाओं को उकेरा गया।

  • आशुतोष मिश्रा ने मैथिली भाषा में “राम भऽ जेनाइ” कथा का पाठ किया
    इस प्रस्तुति ने स्थानीय भाषा की मिठास को मंच पर जीवंत कर दिया।

सम्मान समारोह बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को स्मृति चिह्न और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान कलाकारों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।


आठ दिवसीय आयोजन की खासियत

महोत्सव के संयोजक सागर सिंह ने बताया कि यह आयोजन विश्व रंगमंच दिवस से आरंभ होकर हिंदी रंगमंच दिवस तक चलेगा। यह आठ दिनों का सांस्कृतिक उत्सव है, जिसमें विभिन्न विधाओं के कलाकार अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं।


आगे के कार्यक्रमों पर नजर

आगामी दिनों में भी दर्शकों को नाट्य प्रस्तुतियों का आनंद मिलेगा।

दिनसमयप्रस्तुति
गुरुवारशाम 06:00 बजेगोनू झा नाटक
अंतिम दिनतय समयगज फुट इंच नाट्य प्रस्तुति

अंतिम दिन का मंचन बिहार सरकार से सम्मानित निर्देशक रोशन कुमार के निर्देशन में किया जाएगा।


राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की भागीदारी

इस महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से कलाकार पहुंचे हैं। आयोजन दरभंगा को सांस्कृतिक मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


युवा शक्ति का सहयोग

कार्यक्रम के संचालन और प्रबंधन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही।

  • अमन सिंह
  • नेहा कुमारी
  • हर्षित कुमार
  • आर्यन
  • विशाल
  • किसुन
  • संध्या
  • नीलेश
  • साहिल

इन सभी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


सामाजिक सहभागिता का उदाहरण

कार्यक्रम में शहर के बुद्धिजीवी, मीडियाकर्मी और आम नागरिक शामिल हुए। सभी ने आयोजन को सराहा और इसे सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।

“यह मंच कलाकारों और साहित्य प्रेमियों को जोड़ने का कार्य कर रहा है।” — सागर सिंह

Sitesh Choudhary

चढ़ते हुए सूरज की परस्तिश नहीं करता, लेकिन, गिरती हुई दीवारों का हमदर्द हूँ।
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