
15 दिनों में हुए फैसलों पर उठे सवाल, विधानसभा में गूंजेगा मामला – विधायक अंबिका मरकाम
नगरी सिहावा क्षेत्र की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा सामने आया है। सिहावा विधायक अंबिका मरकाम ने प्रेस वार्ता में नगरी ब्लॉक में जमीन डायवर्जन (भूमि उपयोग परिवर्तन) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ब्लॉक में “जमीन डायवर्जन का बड़ा खेल” खेला गया है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच जरूरी है।
विधायक ने बताया कि नगरी ब्लॉक की एसडीएम प्रीति दुर्गम के अवकाश पर रहने के दौरान प्रभारी एसडीएम के कार्यकाल में मात्र 15 दिनों के भीतर बड़ी संख्या में जमीनों का डायवर्जन और नामांतरण कर दिया गया, जो संदेह के घेरे में है। उन्होंने कहा कि सामान्यतः किसी भी जमीन डायवर्जन की प्रक्रिया पूरी होने में 4 से 6 महीने का समय लगता है, लेकिन इतनी कम अवधि में बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा होना गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है।
अंबिका मरकाम ने आरोप लगाया कि इस दौरान पहाड़ के नीचे स्थित जमीनों तक का भी डायवर्जन कर दिया गया, जो नियमों के विरुद्ध है और क्षेत्रवासियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रभारी एसडीएम के कार्यकाल में जितने भी डायवर्जन और नामांतरण हुए हैं, उनकी उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
विधायक ने स्पष्ट रूप से मांग की कि:
इन 15 दिनों में हुए सभी संदिग्ध डायवर्जन और नामांतरण को तत्काल निरस्त किया जाए
दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
केवल निलंबन नहीं, बल्कि दोष सिद्ध होने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई हो
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की जानकारी पत्राचार के माध्यम से कलेक्टर को दी जाएगी और आगामी विधानसभा सत्र में इसे प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।
इस खुलासे के बाद नगरी ब्लॉक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं और अब सभी की नजरें जांच और शासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
इस समय उपस्थित थे कांग्रेस के जिला महामंत्री सचिन भंसाली जिला सचिव भारत निर्मलकर जिला उपाध्यक्ष भनेंद्र ठाकुर ब्लॉक अध्यक्ष अनवर राजा के साथ पत्रकार गण…









