

बलौदाबाजार, 16 अप्रैल 2026। वनपरिक्षेत्र अर्जुनी में अक्टूबर माह में हुए मादा गौर शिकार प्रकरण में वन विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को आखिरकार गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई को वन विभाग की सतत निगरानी और मजबूत रणनीति का परिणाम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज एक गंभीर अपराध था, जिसमें दुर्लभ वन्यजीव मादा गौर का शिकार किया गया था। घटना के बाद से ही वन विभाग ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया हुआ था। लगातार गश्त, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों की तलाश जारी थी।
करीब छह महीने तक चले इस ऑपरेशन में अंततः सफलता मिली और दोनों फरार आरोपियों को पकड़ लिया गया। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और इस तरह के अपराधों में संलिप्त लोगों के लिए कड़ा संदेश भी है।
इस पूरी कार्रवाई को प्रशिक्षु सहायक वनसंरक्षक गुलशन कुमार साहू के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। टीम में परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी सुश्री रुपेश्वरी दीवान, पार्थ शर्मा सहित बीट अधिकारी ललित कुमार वर्मा, भानुप्रताप आज़ाद और संदीप माथुर की अहम भूमिका रही। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने समन्वय और सतर्कता के साथ ऑपरेशन को सफल बनाया।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी वन्यजीवों के संरक्षण के लिए इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह गिरफ्तारी न केवल एक मामले का खुलासा है, बल्कि वन्यजीव अपराधों के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी मानी जा रही है।













