
पीलीभीत। माधोटांडा-पीलीभीत के बीच पड़ने वाले जंगल मार्ग पर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से बाघों के लिए वाहनों की गति को नियंत्रित करने की पहल की गई है। इस मार्ग पर अक्सर वन्यजीव जिसमें बाघ भी शामिल है, सड़क पार करते देखे जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। इसलिए वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए बैरियर लगाए गए हैं। मथना व रिछोला मे बैरियरों पर रात्रि में चेकिंग कर चालकों को जागरूक किया जा रहा है। पीलीभीत माधोटांडा और माधोटांडा- खटीमा मार्ग जो पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल से होकर गुजरते हैं, अक्सर वन्यजीवों विशेष कर बाघों के सड़क पार करने के कारण चर्चा में रहते हैं। इन मार्गों पर तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों की चपेट में आकर वन्यजीवों के घायल होने या मरने की घटनाएं सामने आई है। पिछले दिनों एक तेंदुए की भी मौत हो गई थी। इन घटनाओं को रोकने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इन मार्गों पर वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए बैरियर लगाए हैं और चालकों को गति सीमा का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक/ प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह के अनुसार मथना और रिछोला बैरियर पर पर्ची सिस्टम से वाहनों की स्पीड पर नियंत्रण किया जा रहा है। एक बैरियर पर पर्ची दी जाती है दूसरे पर जमा की जाती है। यह पहल वन्यजीवों को सड़क पार करते समय होने वाले खतरे से बचाने के लिए और मानव वन्यजीव- संघर्ष को कम करने का प्रयास है।





