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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश की समृद्ध खान-पान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ‘एक जनपद–एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना के शुभारंभ का लिया निर्णय

लखनऊ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश की समृद्ध खान-पान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ‘एक जनपद–एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना के शुभारंभ का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश का हर जनपद अपने विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान के साथ सामने आए, यही ओडीओसी योजना का मूल उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री जी ने शुक्रवार शाम ओडीओसी के संबंध में अधिकारियों संग उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि ओडीओपी की सफलता के बाद अब उत्तर प्रदेश की पारंपरिक पाक कला को संगठित ब्रांडिंग के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फूड मैप पर स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मैनपुरी की सोनपापड़ी, मथुरा का पेड़ा, वाराणसी की लौंगलता, बाराबंकी की चंद्रकला, आजमगढ़ का सफेद गाजर का हलवा सहित प्रदेश के प्रत्येक जनपद के विशिष्ट व्यंजन केवल भोजन नहीं, बल्कि स्थानीय विरासत, कौशल और आर्थिकी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

ओडीओसी योजना के माध्यम से इन व्यंजनों को गुणवत्ता, पहचान और बाजार उपलब्ध कराकर सांस्कृतिक शक्ति को आर्थिक शक्ति में बदला जाएगा। ताकि पारंपरिक कारीगरों, हलवाइयों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आजीविका के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और सभी उत्पादों को खाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया जाए।

मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि ओडीओसी को ओडीओपी की तर्ज पर जमीनी स्तर पर लागू किया जाए। गुणवत्ता, स्वच्छता, फूड सेफ्टी और जीआई टैगिंग सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग के माध्यम से कारीगरों, हलवाइयों व उद्यमियों को स्थायी आजीविका मिलेगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ को नई गति देते हुए उत्तर प्रदेश को रोजगार-सृजन और सांस्कृतिक पहचान का राष्ट्रीय मॉडल बनाएगी।

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