

सिंगरौली: कलेक्टर ने तहसीलदार कोर्ट माड़ा, अमिलिया तथा मकरोहर का किया निरीक्षण।
राजस्व प्रकरणो के निराकरण में लापरवाही बरतने पर तहसीलदार मकरोहर एवं पूर्व तहसीलदार माड़ा सर्किल सहित दो रीडरो को कारण बताओ नोटिस जारी करने का दिए निर्देश।
सिंगरौली : कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने तहसीदार कोर्ट माड़ा का निरीक्षण कर कोर्ट द्वारा किए जा रहे प्रकरणो के निराकरण की नस्तियों सहित कोर्ट में प्राप्त आवेदनो का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान माड़ा राजस्व सर्किल न्यायालय में निर्धारित समय पर राजस्व प्रकरणो को दर्ज नही किया गया था। जिस पर वर्तमान रीडर पर नाराजगी व्यक्त करते हुये तहसीलदार माड़ा जान्हवी शुक्ला को निर्देश दिए कि लंबित राजस्व प्रकरणो को दर्ज कर सात दिवस के अंदर उनका निराकरण सुनिश्चित करे। उन्होने निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरणो पर निर्धारित समय पर सुनवाई कर प्रकरणो का निराकरण करे।
वही माड़ा सर्किल में पूर्व में पदस्थ प्रभारी तहसीलदार सुनील दत्त मिश्रा के द्वारा कई माह से प्रकरणो को दर्ज नही किया गया था। तथा वर्तमान में दर्ज प्रकरणो का निराकरण लंबित है। साथ ही न्यायालय तहसीलदार द्वारा सीमांकन, बेदखली आदि के प्रकरणो पर भी सुनवाई नही करने पर संबंधित तहसीलदार एवं उनके रीडर जगजाहिर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। तत्पश्चात कलेक्टर ने मकरोहर सर्किल न्यायालय में संचालित प्रकरणो के निराकरण की नस्तियो सहित सीमांकन, वटनवारा आदि के प्रकरणो का भी अवलोकन किया। इस दौरान पाया गया कि सीमांकन के कुछ प्रकरण एक वर्ष से अधिक समय से दर्ज नही किए गए है तथा वर्तमान तक लंबित है जिस पर कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार प्रतिक्षा सिंह तथा कोर्ट रीडर सौरभ सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिया गया।कलेक्टर ने राजस्व कोर्ट अमिलिया का भी निरीक्षण कर राजस्व प्रकरणो का समय पर गुणवत्ता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री बैनल ने निरीक्षण के दौरान संबंधित सर्किलो के तहसीलदारो को निर्देश दिए कि सप्ताह में दिन निर्धारण कर नियमित रूप से कोर्ट संचालित करे। एवं लंबित राजस्व प्रकरणो का निराकरण कर उन्हे आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज करे। तथा सीमांकन, वटनवारा, बेदखली, सीएम हेल्प लाईन आदि से संबंधित जो भी प्रकरण प्राप्त हुयें समय सीमा में उनको निराकृत कर आवेदको को अवगत करायें। उन्होने इस आशय के निर्देश दिए कि तहसीलदार अपने अधीनस्थ राजस्व निरीक्षको एवं पटवारी की नियमिति बैठक आयोजित कर समय पर राजस्व प्रकरणो का निराकरण करे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसील कार्यालय में आये आवेदको एवं अधिवक्ताओ से मुलकात कर उनकी समस्याओ को सुना तथा आश्वस्त किया कि राजस्व प्रकरणो के निराकरण हेतु नियमिति सुनवाई की जायेगी। उन्होने तहसीलदारो को निर्देश दिए कि अधिवक्ताओं के साथ समन्वय बनकार उनके प्रकरणो का निर्धारित समय सीमा में निराकरण करे।
