

सिंगरौली (मध्य प्रदेश):– आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम को सफल बनाने में डीएमएफ फंड का किया जाए प्रभावी उपयोग- प्रमुख सचिव खनिज संशाधन।
प्रमुख सचिव खनिज संसाधन की अध्यक्षता में वीसी के माध्यम से राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का हुआ आयोजन
सिंगरौली/- प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश शासन खनिज संसाधन विभाग उमाकांत उमराव की अध्यक्षता में आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम को सफल बनाने में डीएमएफ फंड का प्रभावी उपयोग कियें जाने हेतु राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन व्हीसी के माध्यम किया गया।प्रमुख सचिव ने कहा कि आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत सभी सूचकांकों को सैचुरेशन स्तर पर पहुंचाने के लिए डीएमएफ फंड का कार्यक्रम अनुसार प्राथमिक क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए प्रोजेक्ट का निर्धारण किया जाए।प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि एडीपी और एएसपी कार्यक्रम के माध्यम से भी केन्द्र एवं राज्य स्तर की हितग्राही मूलक योजनाओ को आकांक्षी जिलो एवं ब्लाक स्तर पर हितग्राहियों को लाभान्वित करायें। ज़्यादा से ज़्यादा असर डालने और दोहराव से बचने के लिए केंद्र और राज्य की योजनाओं के साथ समन्वय बनाकर योजना तैयार करे। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं के तहत लाभार्थी योगदान को सपोर्ट करने के लिए डीएमएफ फंड का उपयोग करे। उन्होने कहा कि फंड के कारण राज्य द्वारा की गई बचत का इस्तेमाल, साफ़ तौर पर तय नियमों के तहत, जिले और ब्लॉक मुख्यालयों के पूरे विकास के लिए किया जाएगा।काउंसिल और राज्य-स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटियों की समय पर मीटिंग आयोजित करना सुनिश्चित करे ताकि डीएफएफ फंड अंतर्गत निर्धारित परियोजनाओ को समय सीमा में पूर्ण किया जा सके।प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सभी कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत एस्परेशनल डीएमएफ कार्यक्रम अंतर्गत चिन्हित विंन्दु जैसे स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संशाधन, इन्फ्राटक्चर के साथ सामाजिक एवं कौशल विकास पर आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुयें सुझाव प्रस्तुत करे। कृषि वर्ष को मद्देनजर रखते हुयें फूड प्रोसेसिंग अंतर्गत कोल्ड स्टोरेज, श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए मैनुफैक्चरिंग यूनिट, दिल की बिमारी की प्रारंभिक पहचान किए जाने हेतु स्वास्थ्य शिविर जैसे नवचारो पर आधारित गुड पैक्टिस को भी प्रारंभ करे। रियल-टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड के डेटा अनुसार इन परियोजनाओं चयन भी किया जा सकता है। कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से कलेक्टर गौरव बैनल,जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे,खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल, जिला शिक्षा अधिकारी एसबी सिंह,डीपीसी आर.एल शुक्ला, डीपीओ जीतेन्द्र गुप्ता,डीडीए अजीत कुमार सिंह,सीईओ जनपद पंचायत देवसर संजीव तिवारी सहित संबंधित अधिकारी व्हीसी के माध्यम से जुड़े रहे।






