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स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु नालो की मशीनों के माध्यम से नियमित सफाई कराए- निगमायुक्त

सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 *नगर निगम और स्मार्ट सिटी द्वारा नाले-नालियों, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज़ सिस्टम के पक्के निर्माण और अत्याधुनिक मशीनी सफाई संसाधनों से नालों की सफाई आसान हुई,शहर के सभी बड़े और मंझोले नालों, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज़ सिस्टम आदि की कॉम्पेक्ट रोबोट मशीनों व जेसीबी मशीनों की मदद से नियमित डीसिलटिंग कर सफाई सुनिश्चित करें उक्त निर्देश नगर पालिक निगम आयुक्त सह कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ सागर स्मार्ट सिटी ने शहर के विभिन्न बड़े और मंझोले नालों का निरीक्षण कर दिये। उन्होंने डिग्री कॉलेज के सामने बने अंडरग्राउंड नाले, दीनदयाल चौक नाले, गुरु गोविन्द सिंह वार्ड के नाले, धानक मोहल्ले के नाले, मोमिनपुरा नाला आदि की साफ-सफाई का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गुरु गोविन्द सिंह वार्ड और इसके पास के नालों की मशीनों के माध्यम से निश्चित समय पर सफाई कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा की सभी नालों में स्क्रीनिग जालियां व सुरक्षा जालियां लगवाएँ। नालों में किसी भी प्रकार का कचरा फेकने वालों को रोकें टोकें। नगर निगम की जेसीबी मशीनों के साथ ही रोबोटिक कॉम्पेक्ट मशीनों ने सफाई मित्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुरक्षा के साथ बेहतर सफाई में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। स्मार्ट सिटी एवं नगर पालिक निगम के माध्यम से नालों के पक्के निर्माण से इनकी सफाई व रखरखाव आसान हुआ है। धानक मोहल्ले में निर्माणाधीन नाले की मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा की समय पर मॉनिटरिंग निर्माणकार्य की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है। सभी निर्माणकार्यों की सतत निगरानी करें।सीसी और आरसीसी से पक्के बने निर्माण में समय पर पानी की तराई आदि देखरेख से और भी मजबूती आती है। उन्होंने कहा की मशीनों की मदद से निर्धारित समयानुसार सफाई सुनिश्चित कराने से नाले पूरी तरह शिल्ट व कचरा मुक्त होंगे और वर्षाजल निकासी बिना किसी रूकावट के आसानी से हो सकेगी। इससे निचले क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति निर्मित होने की संभावना समाप्त होगी। उन्होंने कहा की शहर से निकलने वाले नाले और स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज़ सिस्टम के माध्यम से शहर का उपयोगित पानी व वर्षाज़ल बहकर शहर से बाहर पर्यावरण में मिलता है फिर चाहे वह जलस्रोत हो या जमीनी क्षेत्र। नालों की समुचित साफ-सफाई स्वच्छ भारत मिशन के साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण है। नालों से होकर सिर्फ वर्षाजल ही आगे पर्यावरण में मिलेगा तो प्रदूषण को समाप्त किया जा सकेगा और जलस्रोत व जमीन स्वच्छ बनेंगे।

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