
आखिर पूर्ण सत्य को दिखाने में क्यों सहज नहीं है कुछ पत्रकार
जैसा की सब जानते हैं कि पत्रकार राष्ट्र का चौथा स्तंभ है पर सच में वर्तमान में क्या वह अपना कर्त्तव्य पालन करने में पूर्ण रूप से स्वतंत्र है जी हां मीडिया जगत को पूर्ण सत्य दिखाने के लिए कुछ सीमाएं तय की गई है जिनमे कुछ आवश्यक है और कुछ भय या दबाव के कारण आप को बता दें की एक पत्रकार या किसी भी मिडिया सस्स्थान को कुछ घटनाओं को जानने हुए भी राजनेतिक दबाव या भय के कारण कुछ अपराधिक मामलों में कुछ भ्रष्टाचार के मामले मे खुलकर सत्य दिखाने और लिखने से पूर्व हजार बार सोचना पड़ता है क्योंकि यदि कोई मिडिया जगत का हिस्सा किसी राजनेतिक घटना जो अपराध और भ्रष्टाचार से संबंधित है या यू कहे किसी अपराधी या भ्रष्टाचारी का राजनेतिक जुड़ाव है या किसी प्रकार का संबंध है तो मिडिया जगत उसको खुल्ले में सार्वजनिक करने से कतराता है क्योंकि उसके साथ कोई पत्रकार सुरक्षा कानून का का कवच आज तक नही बना जबकि किसी भी अपराधी या भ्रष्टाचारी का सुरक्षा कवच कुछ शासन प्रशासन का हिस्से खुल्ले आम बना हुआ है जिसके कारण आज मीडिया जगत को ना कोई सम्मान की दृष्टि में देखता है और ना ही पूर्ण बिस्वास के साथ
जय हिंद



