पयागपुर | उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा जनपद-बहराइच विकास क्षेत्र-पयागपुर की कार्यसमिति, संघर्ष समिति की एक बैठक आज दिनांक 9 जुलाई 2024 को सम्पन्न हुई। संघ के अध्यक्ष बृजेश कुमार तिवारी द्वारा संबोधन में बताया गया कि प्रांतीय नेतृत्व द्वारा शिक्षकों की लम्बित समस्याओं के निराकरण हेतु शासन को अनेक बार पत्र प्रेषित किया गया है, जिसमें परिषदीय शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, राज्य कर्मचारियों की भाँति 31 उपार्जित अवकाश, 12 द्वितीय शनिवार अवकाश, अर्द्ध-आकस्मिक अवकाश, प्रतिकर एवं अध्ययन अवकाश, निःशुल्क चिकित्सा सुविधा अनुमन्य करने, शिक्षकों की पदोन्नति शीघ्र करने जैसी माँगें सम्मिलित हैं | परन्तु प्रांतीय नेतृत्व की दिनांक 30-10-2023 व दिनांक 09-11-2023 को शासन स्तर पर सम्पन्न हुई वार्ता के उपरान्त भी अद्यतन शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण नही किया गया है। ब्लॉक मंत्री अंकुर शुक्ला ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराया गया है। समस्त अधिकारी व कर्मचारियों का कार्य स्थल प्रदेश अथवा जनपद मुख्यालय है जोकि उनके निवास स्थान से निकटस्थ है। अधिकारी व कर्मचारियों को एक कैलेण्डर वर्ष में 14 आकस्मिक अवकाश के अतिरिक्त 31 उपार्जित अवकाश, 12 द्वितीय शनिवार अवकाश के साथ ही अर्द्ध-आकस्मिक अवकाश की सुविधा अनुमन्य है। सरकारी वाहन निकटस्थ कार्यस्थल, उपार्जित एवं द्वितीय शनिवार अवकाश का लाभ प्राप्त करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों पर दैनिक उपस्थिति हेतु उपरोक्त प्राविधान लागू नही किया गया है |तहसील प्रभारी राजकुमार पाण्डेय द्वारा बताया गया कि उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद का शिक्षक सबसे दुर्गम स्थानों पर स्थित विद्यालयों में सेवा प्रदान कर रहा है। शिक्षक ऐसे स्थानों पर कार्य कर रहे हैं जहाँ आवागमन हेतु सड़क नही है, यदि कहीं सड़क उपलब्ध है तो कोई भी सार्वजनिक वाहन की सुविधा उपलब्ध नही है, शिक्षक अपने निजी वाहन तथा पैदल यात्रा करके इन दुर्गम मार्गों में नदी, जलभराव, पगडंडी से होते हुए अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं। शिक्षक प्रतिदिन 50-60 कि0मी0 तक अपने निजी साधनों से यात्रा करके विद्यालय पहुँचते हैं। शिक्षक के प्रतिमास कभी न कभी विद्यालय में विलम्ब से पहुँचने की संभावना बनी रहती है। वर्तमान में भी शिक्षकों की समय से विद्यालय पहुँचने की प्रतिबद्धता के कारण जल्दबाजी में प्रत्येक माह कोई न कोई शिक्षक दुर्घटना के कारण काल के गाल में समा जाते हैं। इस प्रकार शिक्षक के साथ मानवीय दृष्टिकोण न रखकर शिक्षको को रोबोट की भाँति मानकर नियम लागू करना न्यायोचित नही है। ब्लॉक संयुक्त मंत्री (महिला )प्रियंका शुक्ला ने कहा वर्तमान में प्रदेश भर में मानसून के चलते अधिकांश रास्ते जलभराव से बाधित हैं, कहीं-कहीं सड़के पानी में डूब गयी हैं तो कहीं-कहीं शिक्षकों के द्वारा नाव से नदी पार करने की तस्वीरें सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आ रही है ; जिससे स्पष्ट होता है कि शिक्षक दुर्गम मार्गों पर भी बाधाओं को पार करते हुए विद्यालय पहुँच रहे हैं। ब्लॉक उपाध्यक्ष विनोद कुमार पाण्डेय ने सरकार से मांग किया है कि शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण जैसे बेसिक शिक्षकों को भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों की भाँति उपार्जित अवकाश, प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार अवकाश तथा अर्द्ध-आकस्मिक अवकाश अनुमन्य किया जाये। ब्लॉक संरक्षक बृज भूषण त्रिपाठी ने संबोधन में कहा कि शिक्षकों की उपस्थिति पंजिका का डिजिटाईजेशन किये जाने में आ रही कठिनाईयों का संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निराकरण किया जाये। जब तक उपरोक्त समस्याओं का निराकरण नही किया जाता है तब तक सभी शिक्षक उपस्थिति पंजिका के डिजिटाईजेशन किये जाने पर असहमति व्यक्त करते हैं।प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा ऑनलाइन हाजिरी का बहिष्कार ज्ञापन और धरने के निम्नलिखित कार्यक्रम की रूपरेखा को प्रस्तुत किया। जिसमे 9 जुलाई को प्रदेश के समस्त ब्लॉक कार्यसमिति,तहसील प्रभारी ,सहप्रभारी की बैठक और ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में सहमति प्राप्त करना। 11 से 12 जुलाई के बीच में ब्लॉक स्तर पर सभी शिक्षकों की मीटिंग बुला कर ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में सहमति प्राप्त करना तथा 14 जुलाई को 2बजे से 3 बजे के बीच ट्विटर ( एक्स) पर ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में ट्विटर(X) पर अभियान में शामिल होनासुनिश्चित हुआ है।बैठक में शिक्षक संघ के पदाधिकारी प्रदीप तिवारी, चंद्रशेखर तिवारी, संतोष कुमार द्विवेदी, अनिल कुमार सिंह, देव प्रकाश पाण्डेय,हिमांशु त्रिपाठी,राजकुमार पाण्डेय, देवकी नंदन त्रिपाठी, अनूप कुमार मिश्र , शिव सागर यादव, विकास चंद्र श्रीवास्तव ,पुनीत यादव, दीप नारायण पाण्डेय, जैनुल अहमद , कल्याणी शर्मा, रंजना, सुष्मिता पाण्डेय, मीनू सिंह आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।


