शिवहर :- पूर्व सांसद आनंद मोहन ने हाल ही में शिवहर जिले में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रधान कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिले में आई बाढ़ और इसके परिणामस्वरूप बांध टूटने से हुए नुकसान के मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि बाढ़ प्रभावितों के राहत वितरण में कोई कंजूसी नहीं होनी चाहिए और उन्हें आपदा प्रबंधन द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी राहत त्वरित रूप से मिलनी चाहिए।
बाढ़ से हुई तबाही
29 सितंबर को शिवहर जिले में आई बाढ़ ने खासकर तरियानी छपरा और उसके आसपास के गांवों में भारी नुकसान किया। पूर्व सांसद ने कहा कि बाढ़ के कारण हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। फसलों के साथ-साथ घरों में पानी घुसने से लोगों को बड़े आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। उन्होंने जोर दिया कि जिन परिवारों को नुकसान हुआ है, उन्हें तुरंत मुआवजा मिलना चाहिए और जिला प्रशासन को इसमें तत्परता दिखानी चाहिए।
बांध मरम्मती में गबन का आरोप
आनंद मोहन ने प्रेस वार्ता के दौरान एक आरटीआई रिपोर्ट का हवाला देते हुए बांध मरम्मती में गबन के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों से हर साल बाढ़ से सुरक्षा के लिए बांध की मरम्मत पर लगभग 1 करोड़ 70 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन यह पैसा केवल ‘चूहों के बिल’ में जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवेदक और चुनिंदा अधिकारी इसमें संलिप्त रहे हैं और यह पूरी तरह से गबन का मामला है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों द्वारा बांध में रिसाव की जानकारी समय-समय पर संबंधित विभाग को दी गई थी, लेकिन विभाग की अनदेखी के चलते यह बाढ़ त्रासदी घटी। पूर्व सांसद ने जिला प्रशासन से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन से सतत संपर्क और सहयोग
पूर्व सांसद ने बताया कि सांसद लवली आनंद और विधायक चेतन आनंद ने भी इस मुद्दे को लेकर लगातार शिवहर और सीतामढ़ी प्रशासन से संपर्क बनाए रखा है और प्रभावित लोगों के बीच हर संभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक भी की गई है।
प्रेस वार्ता में अन्य प्रमुख नेता उपस्थित
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य प्रवक्ता और प्रदेश सचिव विजय विकास, जदयू नेता अवध किशोर प्रसाद, विमल किशोर सिंह, संजीव कुमार सिंह उर्फ पप्पू, पूजा सिंह, विजय कुमार झा उर्फ मुन्ना झा, जयशंकर सिंह मोहारी और हरे कृष्णा झा समेत अन्य कई नेता उपस्थित थे।
आनंद मोहन ने बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए त्वरित और पारदर्शी राहत वितरण की मांग की है और साथ ही बांध मरम्मती में हो रही कथित अनियमितताओं पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की भी मांग की।














