

एकनाथ शिंदे की बढ़ती ताकत
एकनाथ शिंदे, जो वर्तमान में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) से नाता तोड़कर शिवसेना के भीतर अपनी एक अलग धारा स्थापित करने में कामयाब हुए। शिंदे का नेतृत्व तब चर्चा में आया जब उन्होंने शिवसेना के बड़े हिस्से को अपने साथ लिया और उद्धव ठाकरे सरकार को गिराया। इसके बाद से, शिंदे और उनके समर्थकों ने राज्य में अपनी स्थिति मजबूत की है।
शिंदे का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता फिलहाल मजबूती से दिखता है, क्योंकि शिवसेना के अधिकांश विधायक उनके पक्ष में हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के साथ उनके अच्छे संबंधों को भी राजनीतिक विशेषज्ञ उनके पक्ष में एक बड़ा फायदा मानते हैं। भाजपा के सहयोग से शिंदे सरकार को विधानसभा में बहुमत भी हासिल है। हालांकि, ये भी सच है कि शिंदे को इस समय कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जैसे कि शिवसेना के पुराने वफादार नेताओं के साथ विवाद और पार्टी में विभिन्न गुटों का संघर्ष।
देवेंद्र फडणवीस: भाजपा के सबसे भरोसेमंद नेता
दूसरी तरफ, देवेंद्र फडणवीस, जो पहले भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, भाजपा के एक बड़े और भरोसेमंद नेता माने जाते हैं। फडणवीस का नाम हमेशा से भाजपा के प्रमुख चेहरों में रहा है, और उनका अनुभव उन्हें इस दौड़ में मजबूत बनाता है। हालांकि, उनकी पिछली मुख्यमंत्री अवधि में कई विवाद भी रहे, खासकर जब उन्होंने शिंदे के नेतृत्व में सरकार को समर्थन दिया था और सत्ता साझेदारी के मुद्दे पर भाजपा और शिवसेना के बीच मतभेद थे।
फडणवीस को एक मजबूत प्रशासनिक नेता माना जाता है और उनकी छवि साफ-सुथरी रही है, लेकिन सवाल ये है कि क्या वे फिर से मुख्यमंत्री बन पाएंगे या वे दिल्ली शिफ्ट करेंगे? भाजपा के भीतर उनकी लोकप्रियता और महत्व को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि अगर उन्हें केंद्रीय राजनीति में कोई अहम पद मिल सकता है, तो वे महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री की दौड़ से बाहर हो सकते हैं। इसके साथ ही, महाराष्ट्र में भाजपा का नेतृत्व करने के लिए फडणवीस को एक बड़ा विकल्प मिल सकता है।
दिल्ली शिफ्ट होने की संभावनाएं
वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह भी संभावना जताई जा रही है कि फडणवीस दिल्ली शिफ्ट हो सकते हैं। भाजपा के भीतर उनका प्रभाव बढ़ने के साथ-साथ केंद्रीय राजनीति में उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो इसका मतलब होगा कि महाराष्ट्र में एक नए चेहरे की तलाश होगी, जो राज्य की राजनीति को संभाले। इस स्थिति में एकनाथ शिंदे के लिए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता और भी आसान हो सकता है, क्योंकि शिंदे को भाजपा का सहयोग प्राप्त है और राज्य में उनके पास ताकतवर समर्थन है।
हालांकि, ये भी माना जा रहा है कि भाजपा अपने नेता फडणवीस को महाराष्ट्र की राजनीति में रखेगी, क्योंकि राज्य में भाजपा का वजूद उनके नेतृत्व से जुड़ा हुआ है। फडणवीस की भूमिका महाराष्ट्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण रही है, और ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी उन्हें दिल्ली भेजने का फैसला करती है या नहीं।
आखिरकार कौन होगा मुख्यमंत्री?
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे दोनों के पास अपनी-अपनी ताकतें हैं। फडणवीस को भाजपा के एक सशक्त नेता के रूप में देखा जाता है, और उनके केंद्रीय राजनीति में शिफ्ट होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। वहीं, एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के भीतर अपनी स्थिति मजबूत की है और उनके पास राज्य में सत्ता का समर्थन है। अब यह निर्भर करेगा कि भाजपा और शिवसेना के अंदर की राजनीति किस दिशा में जाती है।
राज्य की राजनीति में जो भी बदलाव आए, वह राज्य की जनता और राजनीतिक समीक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ होगा। इस समय तक, सभी की नजरें इस पर होंगी कि क्या फडणवीस या शिंदे में से कोई दिल्ली शिफ्ट होगा, और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में किसका भविष्य सुनिश्चित होगा।





