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एसएमडीसी प्रशिक्षण में प्रबंधन, वित्तीय पारदर्शिता व विकास योजनाओं पर हुई गहन चर्चा, पदाधिकारियों ने रखे अपने विचार — वर्ष 2025 का अंतिम प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न

जिला संवाददाता_राकेश कुमार कन्नौजिया   दुद्धी (सोनभद्र)।

विद्यालय प्रबंध एवं विकास समिति (एसएमडीसी) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संकुल विद्यालय राजकीय बालिका हाई स्कूल, नवाटोला भलपहरी में आयोजित द्वि-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन मंगलवार को हुआ। यह प्रशिक्षण 10 से 11 नवंबर 2025 तक चला, जिसमें राजकीय हाई स्कूल पिपरहर, राजकीय बालिका हाई स्कूल इकदिरी तथा राजकीय इंटर कॉलेज चपकी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। पूरे प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और सीखने की ललक देखने को मिली।


🔹 प्रशिक्षकों ने दिए प्रभावी दिशा-निर्देश

👉 राज्यस्तरीय प्रशिक्षक अमर सिंह का उद्बोधन

राज्यस्तरीय प्रशिक्षक अमर सिंह ने एसएमडीसी की जिम्मेदारियों और वित्तीय पारदर्शिता पर विशेष बल देते हुए कहा—
“विद्यालय की उन्नति वित्तीय अनुशासन पर निर्भर करती है। समिति के सदस्यों को क्रय प्रक्रिया और कैशबुक, लेजर, स्टॉक रजिस्टर जैसे अभिलेखों को नियमों के अनुसार संधारित करना चाहिए। जेम पोर्टल और पीएफएमएस का सही उपयोग विद्यालयों को संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
उन्होंने एसएमडीसी बैठकों को नियमित और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।


👉 सह प्रशिक्षक सत्यनारायण कन्नौजिया ने सामुदायिक सहभागिता पर दिया जोर

सह प्रशिक्षक सत्यनारायण कन्नौजिया ने कहा—
“विद्यालय प्रबंधन तभी सफल हो सकता है जब समुदाय की सक्रिय भूमिका हो। अभिभावकों से संवाद, समस्याओं का समाधान और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता ही एसएमडीसी को मजबूत बनाती है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए समिति के प्रत्येक सदस्य का सक्रिय होना आवश्यक है।”


🔹 प्रतिभागियों ने भी रखे अपने विचार

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी सदस्यों ने भी अपने सुझाव और अनुभव साझा किए।
राजकीय इंटर कॉलेज चपकी के सदस्य ने कहा—
“इस प्रशिक्षण से हमें वित्तीय अभिलेखों और विकास योजनाओं की प्रक्रिया सही रूप में समझ आई है। अब हम विद्यालय में बेहतर योगदान दे पाएंगे।”

वहीं राजकीय हाई स्कूल पिपरहर के एक सदस्य ने बताया—
“एसएमडीसी की संरचना और भूमिका के प्रति हमारी समझ और स्पष्ट हुई है। प्रबंधन और योजनाओं के निष्पादन में इससे काफी सुधार होगा।”


🔹 विकास योजनाओं का प्रस्तुतीकरण रहा आकर्षण का केंद्र

द्वितीय दिवस सभी विद्यालयों ने अपनी-अपनी वार्षिक विकास योजनाएँ (स्कूल डेवलपमेंट प्लान) तैयार कीं और प्रशिक्षकों के समक्ष प्रस्तुत कीं। प्रत्येक विद्यालय ने आधारभूत संरचना, शिक्षण-सामग्री, संसाधन, कक्षाओं की व्यवस्था और भविष्य के लक्ष्यों सहित विस्तृत योजनाएँ रखीं।
प्रशिक्षकों ने इन योजनाओं पर सुझाव देते हुए उन्हें और प्रभावी बनाने के लिए मार्गदर्शन दिया।


🔹 कार्यक्रम का समापन व आभार ज्ञापन

प्रशिक्षण के समापन पर प्रभारी प्रधानाचार्या तूलिका सिंह ने सभी प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों और विद्यालयों की टीमों का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“यह प्रशिक्षण अत्यंत सार्थक और सफल रहा। इससे एसएमडीसी सदस्यों को अपनी जिम्मेदारियों को समझने व उन्हें प्रभावी तरीके से निभाने की दिशा मिली है। हमें विश्वास है कि भविष्य में विद्यालय विकास में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।”

उन्होंने बताया कि यह वर्ष 2025 का अंतिम एसएमडीसी प्रशिक्षण रहा, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

 

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