
चित्रकूट 21 नवंबर 2025
बैंकों में लावारिस पड़े 15 करोड़, वारिसों की तलाश शुरू
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ जिला हेड चित्रकूट शिवसंपत करवरिया
जनपद चित्रकूट जिले के बैंकों में बरसों से 15 करोड़ रुपये विभिन्न कारणों से खातों में लावारिस पड़े हैं। इसके असली वारिसों की तलाश के लिए भारत सरकार वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) ने ‘आपकी पूंजी-आपका अधिकार’ अभियान की शुरूआत की थी । जनपद में भी इस क्रम में अक्टूबर माह में एलडीएम के पर्यवेक्षण में सभी बैंकों/वित्तीय संस्थानों के साथ आम जन मानस को जागरूक करने हेतु विकास भवन में एक 06 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2025 तक कैम्प का आयोजन किया गया था। जिलाधिकारी द्वारा भी कैम्प में आकर लोगों से जानकारी एकत्र किये जाने हेतु अपील की गयी थी ।कैम्प के दौरान कुछ दावेदारों को चिन्हित कर बैंकों/वित्तीय संस्थानों द्वारा भुगतान किया गया था लेकिन अभी भी काफी तादाद में खातों के वारिशों से संपर्क नहीं हो पाया है जिसका मुख्य कारण लावारिस धनराशि वाले खाताधारक की मृत्यु, रोजगार, नौकरी के चलते किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट हो जाने अथवा जमा की गयी धनराशि का भूल जाना है ।
लगभग 42 हजार निष्क्रिय खातों में हैं लावारिस धनराशिः अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) ने बताया कि 10 वर्ष तक अगर किसी खाते में लेन देन नहीं किया जाता है तो वह धनराशि RBI के DEA फण्ड में अंतरित हो जाती है ।जिले की विभिन्न बैंकों में कुल 42000 निष्क्रिय खातों में लगभग 15 करोड़ रुपए लावारिस हैं। इतनी ही धनराशि म्युचुअल फंड, जनरल इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, पेंशन फंड, बीमा कंम्पनी आदि में पड़ी हैं। सभी वारिसों की तलाश जारी है। अभियान के तहत बैंकों की ओर से अनक्लेम्ड राशि जिन खातों में जमा है, उनकी सूची के आधार पर वारिसों से संपर्क का प्रयास हो रहा है। कर्मचारियों को ग्राहकों के पते पर भी भेजा जा रहा है। कुछ लोग संबंधित पतों पर नहीं मिल रहे। इससे लावारिस धनराशि असली उत्तराधिकारी तक पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने आम जनमानस से अपील भी की यदि इस सम्बन्ध में बैंक कर्मचारी किसी खातेदार, जो कहीं और शिफ्ट हो गए हों अथवा जिनकी मृत्यु हो चुकी हो , के सम्बन्ध में जानकारी हेतु सहयोग मांगते है तो आस पड़ोस के लोग उपलब्ध जानकारी उनके संज्ञान में ला सकते है जिसके धनराशि के असली वारिश तक पहुंचना आसान हो सकता है।
अनक्लेम्ड राशि के दावों के निपटान के लिए भारत सरकार व आरबीआई के निर्देश पर 31 दिसंबर तक यह अभियान चलेगा। बैंक/अन्य वित्तीय संस्थान अपने स्तर से भी प्राप्त सूची के आधार पर अनक्लेम्ड राशि के वारिसों की तलाश कर रहे हैं। ऐसे ग्राहक जिनको अंदेशा है कि उनके किसी संबंधी के खाते में अनक्लेम्ड राशि है, वह आर बी आई के उद्दयम पोर्टल पर जानकारी ले सकते हैं। पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर से यूजर आईडी व पासवर्ड बनाना होगा। परिवार की बुनियादी जानकारी दर्ज कर विभिन्न बैंकों में लावारिस धनराशि तलाश सकते हैं। कोई मिलान होता है, तो जरूरी दस्तावेज संग संबंधित बैंक की शखा में दावा कर सकते हैं।

