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जंगल में चल रही थी ‘दारू फैक्ट्री’, आबकारी की दबिश में टूटा अवैध महुआ माफिया का सपना

कसडोल के जंगलों में अवैध शराब का भंडाफोड़, आबकारी विभाग ने दो आरोपियों को दबोचा

बलौदाबाजार | 9 जनवरी 2026
कसडोल थाना क्षेत्र के घने जंगलों में चल रहे अवैध महुआ शराब के गोरखधंधे पर आबकारी विभाग ने फिल्मी अंदाज में करारा प्रहार किया। कलेक्टर दीपक सोनी के सख्त निर्देश और जिला आबकारी अधिकारी मुकेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में आबकारी टीम ने ऐसा शिकंजा कसा कि जंगल में चल रही कच्ची शराब की “फैक्ट्री” ध्वस्त हो गई।
गुप्त सूचना बनी कार्रवाई की पटकथा
गुरुवार को आबकारी विभाग को पुख्ता सूचना मिली कि ग्राम असनीद, कुशवा डबरा जंगल में बड़े पैमाने पर अवैध कच्ची महुआ शराब का निर्माण हो रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने बिना वक्त गंवाए जंगल की ओर कूच किया और मौके पर दबिश दी।
*मौके से मिला चौंकाने वाला जखीरा*
तलाशी के दौरान टीम ने
40 किलो क्षमता की 18 प्लास्टिक बोरियों में भरा 720 किलो महुआ लाहन,
10 लीटर क्षमता की 6 पॉलिथीन, जिनमें कुल 60 बल्क लीटर कच्ची महुआ शराब
बरामद की।
लाहन के सैंपल लेकर उसे मौके पर ही नष्ट किया गया। जब्त सामग्री का कुल बाजार मूल्य ₹55,200 आंका गया, जिसमें
कच्ची महुआ शराब – ₹12,000
महुआ लाहन – ₹43,200 शामिल है।

*दो आरोपी कानून के शिकंजे में*
इस अवैध कारोबार में लिप्त
दिनेश कुमार, पिता बालकराम, निवासी असनीद
रूद्रकुमार, पिता मायाराम जायसवाल, निवासी चांदन (हाल मुकाम असनीद)
को चिन्हित कर उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क)(च), 34(2), 59(क) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

*टीमवर्क ने दिलाई बड़ी सफलता*
इस साहसिक कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक मनराखन नेताम, दिनेश कुमार साहू, पी. माधव राव, नगर सैनिक कमल वर्मा एवं दुर्गेश्वरी कुर्रे की अहम भूमिका रही।

*सख्त संदेश साफ है*
जंगलों की आड़ में चल रहा अवैध शराब कारोबार अब सुरक्षित नहीं। आबकारी विभाग की यह कार्रवाई न सिर्फ अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम जनता के लिए भरोसे का संदेश भी—कानून से खेला तो अंजाम तय है।

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