
सागर/वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली टोल प्लाजा पर गोली चलाने की गंभीर एवं सनसनीखेज घटना में सागर पुलिस ने त्वरित, सख्त एवं वैधानिक कार्रवाई करते हुए आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत केन्द्रीय जेल सागर भेजकर कानून का स्पष्ट संदेश दिया है। दिनांक 23.11.2025 को थाना सानौधा क्षेत्र अंतर्गत टोल प्लाजा के पास फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिस पर फरियादी आशिष दुबे की रिपोर्ट के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण में आरोपी राजेन्द्र दुबे एवं एक अन्य अज्ञात व्यक्ति को नामजद किया गया था। यह घटना न केवल सार्वजनिक शांति भंग करने वाली थी, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करने वाली थी।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा लगातार दबिश, साक्ष्य संकलन एवं तकनीकी विवेचना की गई। विवेचना के दौरान दिनांक 15.01.2026 को दोनों आरोपीगणों द्वारा न्यायालय में आत्मसमर्पण किया गया, जिसके पश्चात उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की गई तथा उनके बताए अनुसार घटना में प्रयुक्त पिस्टल की तलाश हेतु छानबीला डेम एवं आरोपी के निवास स्थान पर सघन सर्च अभियान चलाया गया। हालांकि, आरोपीगणों द्वारा पुलिस को विवेचना में सहयोग न करते हुए जानबूझकर गुमराह करने का प्रयास किया गया। इस पर पुलिस द्वारा वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनः पुलिस रिमांड बढ़वाकर कठोर एवं कानूनी कार्रवाई की गई। आरोपी गणों द्वारा घटना में प्रयुक्त की गई फॉर्च्यूनर कार क्रमांक MP07 CH 4112 भी पुलिस द्वारा जब्त की गई।
संपूर्ण विवेचना पूर्ण होने के उपरांत, माननीय न्यायालय से जेल वारंट प्राप्त होने पर न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए दोनों आरोपीगणों को केन्द्रीय जेल सागर में दाखिल किया गया है। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी आरोपी को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।इस संपूर्ण प्रकरण में थाना प्रभारी सानौधा निरीक्षक भरतसिंह ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक शेष नारायण दुबे, आरक्षक प्रवीण, आरक्षक जगदीश, आरक्षक फैजान एवं प्रधान आरक्षक धर्मदास की अत्यंत सराहनीय, सजग एवं कर्तव्यनिष्ठ भूमिका रही, जिनकी सूझबूझ, मेहनत एवं निरंतर प्रयासों से प्रकरण को तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाया जा सका।










