

देवास – अमलतास अस्पताल परिसर में अवैध रूप से झोपड़ी बनाकर कब्जा करने के प्रयास का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक महिला द्वारा जनसुनवाई में आवेदन दिया गया, जिसमें अस्पताल के कर्मचारियों पर मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और असत्य बताया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त महिला अपने पति का डायलिसिस उपचार कराने अमलतास अस्पताल आई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते महिला को अमलतास अस्पताल में आउटसोर्स के माध्यम से कार्य दिया गया। कुछ समय बाद ही महिला द्वारा अस्पताल के कर्मचारियों को डराने-धमकाने, झूठे आरोप लगाने और ब्लैकमेल करने की घटनाएँ सामने आने लगीं।

बताया जा रहा है कि महिला द्वारा अमलतास अस्पताल परिसर में अवैध रूप से झोपड़ी बनाकर कब्जा कर लिया गया है और उसे खाली न करने की धमकी दी जा रही है। साथ ही कर्मचारियों से पैसों की मांग भी की जा रही है। महिला के पति का इलाज पूर्ण हो चुका है, इसके बावजूद महिला द्वारा कब्जे की नीयत से लगातार विवाद किया जा रहा है।
महिला की धमकियों और आए दिन के विवाद के कारण आउटसोर्स कर्मचारी भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं। कई बार कर्मचारियों को महिला के डर के चलते काम न करने के लिए भी कहा गया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है।
इस पूरे मामले को लेकर अमलतास अस्पताल प्रबंधन द्वारा BNP थाने में 2 से 3 बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है। पुलिस द्वारा महिला को समझाइश भी दी गई है, लेकिन इसके बावजूद विवाद की स्थिति लगातार बनी हुई है।
अस्पताल प्रबंधन ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि अस्पताल परिसर में शांति व्यवस्था बनी रहे और कर्मचारियों को भयमुक्त वातावरण में कार्य करने का अवसर मिल सके।


