

बलौदाबाजार, 3 मार्च 2026।जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए छुईहा स्थित ओमकार मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010, 2013 एवं नर्सिंग होम एक्ट के गंभीर उल्लंघन के चलते यह बड़ी कार्रवाई की गई है।शिकायत के बाद हुई उच्चस्तरीय जांचप्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल के विरुद्ध गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। मामले को संज्ञान में लेते हुए अनुविभागीय दण्डाधिकारी बलौदाबाजार तथा नर्सिंग होम एक्ट की जिला स्तरीय चिकित्सा विशेषज्ञ समिति द्वारा संयुक्त जांच कराई गई।जांच प्रतिवेदन में अस्पताल प्रबंधन द्वारा कई महत्वपूर्ण नियमों की अनदेखी किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से अस्पताल को 30 दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।जवाब संतोषजनक नहीं, सीधे निलंबन की कार्रवाईअस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत जवाब का परीक्षण करने पर वह संतोषजनक नहीं पाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अस्पताल द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के अध्याय-दो की धारा के कंडिका 3 के तहत निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।जांच में यह भी पाया गया कि अधिनियम की धारा 10 की अनुसूची (अस्पताल एवं नर्सिंग होम संबंधी प्रावधान), धारा 14 के अनुसूची 7 के नियम 3 के उपकंडिका 1, 2 एवं 11 तथा धारा 17 के उपबंध 1 व 2 (छ) एवं 3 का उल्लंघन किया गया है।इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने अस्पताल का अनुज्ञा पत्र निलंबित कर दिया।मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरिप्रशासनिक सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों की सुरक्षा और मानकों के अनुरूप इलाज सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है।अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि अस्पताल द्वारा निर्धारित समयावधि में सभी आवश्यक मानकों की पूर्ति नहीं की गई तो आगे और कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।जिले में मचा हड़कंपइस कार्रवाई के बाद निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अन्य निजी अस्पतालों की भी समीक्षा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।जिले के स्वास्थ्य तंत्र को दुरुस्त करने के उद्देश्य से प्रशासन का यह कदम एक सख्त संदेश माना जा रहा है—नियमों से खिलवाड़ अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा।


