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“बस्ती में गैस के ‘सौदागर’ गिरफ्तार: जनता के चूल्हे पर डाका डालने वाले दो धरे गए, 19 सिलेंडर बरामद!”

"आपूर्ति विभाग और पुलिस का जॉइंट ऑपरेशन: आपदा को अवसर बनाने वालों का भंडाफोड़, गैस एजेंसी के हॉकर का 'काला खेल' खत्म।"

अजीत मिश्रा (खोजी)

🚨बस्ती में गैस की कालाबाजारी का भंडाफोड़: संकट में अवसर तलाशने वालों पर पुलिस का कड़ा प्रहार🚨

  • “बस्ती पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गैस की कालाबाजारी करते 2 अभियुक्त गिरफ्तार, 16 भरे सिलेंडर जब्त।”
  • “गैस की किल्लत में चांदी काट रहे थे ‘कालाबाजारी के खिलाड़ी’, पुलिस ने पहुंचाया सलाखों के पीछे!”
  • “बस्ती: कोतवाली पुलिस और पूर्ति विभाग ने घेरा, रंगे हाथ पकड़े गए गैस तस्कर; क्षेत्र में हड़कंप।”

ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती, उत्तर प्रदेश

बस्ती। एक तरफ जहां आम जनता रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ ‘सफेदपोश’ और उनके गुर्गे इस आपदा को अवसर में बदलने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताज़ा मामला बस्ती जनपद का है, जहां आपूर्ति विभाग और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गैस की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 19 गैस सिलेंडर (16 भरे और 3 खाली) बरामद किए हैं।

कैसे चलता था ‘काला खेल’?

गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक संतोष कुमार, जो एक गैस एजेंसी का हॉकर है, और दूसरा उसका साथी संत कुमार, जो ब्रोकर का काम करता था, मिलकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। ये लोग बिना किसी वैध पर्ची या टोकन के गैस सिलेंडर प्राप्त करते थे और फिर उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर आम जनता की जेब पर डाका डाल रहे थे। पुलिस ने इनके पास से एक ‘छोटा हाथी’ (मैजिक वाहन) भी जब्त किया है, जिसका उपयोग सिलेंडरों की तस्करी के लिए किया जाता था।

समीक्षात्मक पहलू: क्या केवल गिरफ्तारी काफी है?

पुलिस और आपूर्ति विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह कई तीखे सवाल भी खड़े करती है:

🔥एजेंसी की भूमिका पर सवाल: आखिर एक हॉकर बिना किसी रिकॉर्ड के इतने सिलेंडर कैसे निकाल लेता था? क्या इसमें गैस एजेंसी के प्रबंधन की मिलीभगत नहीं है?

🔥संकट का फायदा: क्षेत्राधिकारी सदर, बस्ती, श्री सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि ईरान-इराक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण गैस आपूर्ति को लेकर जनता में जो पैनिक (घबराहट) है, ये अपराधी उसी का फायदा उठा रहे थे।

🔥सिस्टम में सेंध: यह घटना दर्शाती है कि वितरण प्रणाली में अभी भी कई ऐसे छेद हैं जिनका फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले फल-फूल रहे हैं।

पुलिस की अपील और चेतावनी

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी सभी गैस एजेंसियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। क्षेत्राधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पैनिक न करें और केवल वैध तरीके से, टोकन प्राप्त कर ही गैस सिलेंडर लें। यदि कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना मिले, तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।

बस्ती पुलिस की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने कालाबाजारी करने वालों की कमर तो तोड़ दी है, लेकिन प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में कोई ‘संतोष’ या ‘संत कुमार’ जनता के हक पर डाका न डाल सके।

🚨गिरफ्तारी टीम: थाना कोतवाली पुलिस एवं जनपद बस्ती आपूर्ति विभाग।

💰बरामदगी: 16 भरे सिलेंडर, 3 खाली सिलेंडर और एक मैजिक वाहन।

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