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हिमाचल में दबिश, किराए के मकान से चलता था रैकेट

भाटापारा पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क अब छोटे शहरों तक गहराई से फैल चुका है, लेकिन सटीक सूचना, तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई से ऐसे संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।


भाटापारा। आईपीएल क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए भाटापारा शहर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़े हुए हैं और हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
ऐसे हुआ खुलासा
मामले की शुरुआत 4 अप्रैल 2026 को हुई, जब पुलिस ने रेलवे स्टेशन भाटापारा के पास अजय बतरा नामक आरोपी को मोबाइल के जरिए आईपीएल मैचों पर सट्टा संचालित करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से:
1 मोबाइल
₹5780 नगद
सट्टे से जुड़े स्क्रीनशॉट
बरामद किए गए।
प्रारंभिक कार्रवाई के तहत आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 07 के तहत मामला दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच से खुला पूरा नेटवर्क
जप्त मोबाइल की तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपी “RUVIBET” पैनल आईडी के जरिए सट्टा संचालित कर रहा था। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले तक पहुंच बनाई।
हिमाचल में दबिश, किराए के मकान से चलता था रैकेट
पुलिस टीम ने परवाणू (जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश) में एक किराए के मकान पर दबिश दी, जहां:
लैपटॉप, मोबाइल और आईपैड के जरिए
प्रोफेशनल तरीके से
Branch-08, Branch-27, Branch-35 लिंक के माध्यम से
देशभर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित किया जा रहा था।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से:
07 लैपटॉप
02 आईपैड
48 मोबाइल
09 ATM कार्ड
02 बैंक खाते
बरामद किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपए आंकी गई है।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
जांच के दौरान प्रकरण में निम्न धाराएं जोड़ी गईं:
BNS की धारा 314, 317(4), 317(2), 111
आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D
सभी आरोपियों को 10 अप्रैल 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस टीम की बड़ी कामयाबी
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में:
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं SDOP भाटापारा के मार्गदर्शन
और स्थानीय पुलिस की मजबूत सूचना तंत्र
की अहम भूमिका रही।
देशभर में फैला था सट्टे का जाल
जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह:
भारत के कई राज्यों में सक्रिय था
ऑनलाइन ID बनाकर लोगों को जोड़ता था
और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए करोड़ों का सट्टा संचालित कर रहा था

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