**आगर-मालवा।** सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनियमितता बरतना नगर परिषद कानड़ के दो अधिकारियों को भारी पड़ गया। मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना में गड़बड़ी पाए जाने पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। लोकायुक्त के माध्यम से प्राप्त शिकायत की जांच में दोषी पाए जाने के बाद तत्कालीन प्रभारी लेखापाल और तत्कालीन उपयंत्री पर विभागीय कार्रवाई की गई है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार तत्कालीन प्रभारी लेखापाल चंदर सिंह मालवीय की स्वीकृत वार्षिक वेतनवृद्धि को संचयी प्रभाव से अवनत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तत्कालीन उपयंत्री महेन्द्र सिंह परमार की एक वार्षिक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया गया है।
**लोकायुक्त की शिकायत के बाद खुली अनियमितता**
मामला आगर-मालवा जिले की नगर परिषद कानड़ में मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के क्रियान्वयन से जुड़ा है। योजना में अनियमितताओं को लेकर लोकायुक्त के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। विभागीय जांच में शिकायत से जुड़े आरोपों की पुष्टि होने और दोनों अधिकारियों की जिम्मेदारी सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
**लापरवाही पर विभाग का सख्त संदेश**
इस कार्रवाई के माध्यम से नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता, लापरवाही और जिम्मेदारियों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने दोहराया है कि सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।