जिला रिपोर्टर सुरेश चौहान आगर मालवा मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी भवन और शौचालय निर्माण में लापरवाही पर कलेक्टर का फूटा गुस्सा, 3 दिन का अल्टीमेटम 19 में से 9 पुराने भवन अधूरे, नए स्वीकृत

**आगर-मालवा।** महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों और शौचालय निर्माण जैसे बुनियादी कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने कड़ा रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक में जब निर्माण कार्यों की स्थिति सामने आई तो पता चला कि कई कार्य स्वीकृति मिलने और वित्तीय वर्ष बीतने के बावजूद शुरू तक नहीं हुए हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने संबंधित जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के अधिकारियों को तीन कार्यदिवस के भीतर सभी अप्रारंभ कार्य स्थल पर शुरू कराने का सख्त अल्टीमेटम दिया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा में काम शुरू नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।
**13 नए आंगनवाड़ी भवनों का काम अब तक शुरू नहीं**
जिला स्तरीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक में सामने आए आंकड़ों ने निर्माण कार्यों की सुस्ती उजागर कर दी। वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 19 नवीन आंगनवाड़ी भवनों में से 9 का निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ है। वहीं वर्ष 2025-26 में स्वीकृत सभी 13 आंगनवाड़ी भवन पूरी तरह अप्रारंभ हैं। यानी दोनों वित्तीय वर्षों के स्वीकृत भवनों में से 22 का निर्माण कार्य अभी शुरू होना बाकी है।
**24 शौचालयों में से 14 निर्माण अटके**
निर्माण कार्यों की स्थिति केवल आंगनवाड़ी भवनों तक सीमित नहीं है। वर्ष 2024-25 और 2025-26 में स्वीकृत कुल 24 नवीन शौचालयों में से 14 का निर्माण भी अब तक धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है। इसके अलावा जिले के 45 सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में 12 केंद्रों पर पोषण वाटिका और 9 केंद्रों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य लंबे समय से लंबित हैं।
**बच्चों के पोषण और सुरक्षा से जुड़े कामों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं**
कलेक्टर डॉ. मीना ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आंगनवाड़ी भवन, शौचालय, पोषण वाटिका और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य महिला एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा से सीधे जुड़े हैं। ऐसे संवेदनशील कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। वित्तीय वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होना गंभीर लापरवाही और शासकीय निर्देशों की अवहेलना है।
**जनपद से नगरीय निकायों तक जिम्मेदारी तय**
कलेक्टर ने जनपद पंचायत आगर, बड़ौद, सुसनेर और नलखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित नगर पालिका एवं नगर परिषदों के संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने क्षेत्र के सभी अप्रारंभ कार्य पत्र प्राप्ति से तीन कार्यदिवस के भीतर अनिवार्य रूप से शुरू कराएं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब निर्माण कार्यों में देरी पर केवल जवाब नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी तय होगी।
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