**आगर-मालवा।** जिस जमीन पर वर्षों से परिवार के साथ रह रहे थे, उसी जमीन का मालिकाना हक साबित करने के लिए कोई कानूनी दस्तावेज नहीं था। बैंक से ऋण लेने की बात हो या सरकारी योजनाओं का लाभ, हर जगह दस्तावेजों की कमी बाधा बन रही थी। लेकिन केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना ने गुराड़िया बड़ौद निवासी भारत सिंह की यह परेशानी दूर कर दी। अब उनके हाथ में अपनी आवासीय जमीन की रजिस्ट्री है और वे कानूनी रूप से भूमि स्वामी बन गए हैं।
आगर जिले की बड़ौद तहसील के ग्राम गुराड़िया बड़ौद निवासी भारत सिंह वर्षों से आबादी क्षेत्र में निवास कर रहे थे, लेकिन उनके पास जमीन के स्वामित्व का कोई विधिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं था। इसके चलते वे अपनी संपत्ति का उपयोग आर्थिक जरूरतों के लिए भी नहीं कर पा रहे थे।
**ड्रोन सर्वे से तैयार हुआ मालिकाना हक का दस्तावेज**
स्वामित्व योजना के तहत जिला प्रशासन ने गांव में ड्रोन सर्वे कराकर आबादी क्षेत्र का नक्शा तैयार करवाया। इसके आधार पर भू-अधिकार अभिलेख तैयार किए गए। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत ग्राम गुराड़िया बड़ौद में आयोजित शिविर में कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने रजिस्ट्री निष्पादन के बाद भारत सिंह को रजिस्ट्री की प्रति सौंपी।
**रजिस्ट्री मिली तो पक्के मकान का सपना हुआ मजबूत**
अपने नाम की रजिस्ट्री मिलने पर भारत सिंह के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। उन्होंने कहा, "अब मेरी जमीन पर मेरा कानूनी हक है। अब मैं अपनी संपत्ति पर बैंक से ऋण लेकर परिवार के लिए पक्का घर बना सकूंगा और बच्चों की पढ़ाई में भी मदद कर सकूंगा।"
भारत सिंह के लिए यह सिर्फ जमीन का दस्तावेज नहीं, बल्कि परिवार के बेहतर भविष्य की नई उम्मीद है। स्वामित्व योजना ने उन्हें कानूनी पहचान के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का भरोसा भी दिया है। अब अपनी संपत्ति के आधार पर वे बैंक ऋण प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।