
विंढमगंज सोनभद्र_(राकेश कुमार कन्नौजिया)_सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र के जोरूखाड़ गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने किसानों को गहरे संकट में डाल दिया। लटकते बिजली तार से हुए शार्ट सर्किट ने ऐसी तबाही मचाई कि गेहूं से लदी ट्रैक्टर-ट्राली धू-धू कर जल उठी और देखते ही देखते सैकड़ों बोझ गेहूं राख में तब्दील हो गए। इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार का माहौल बन गया।
मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी विरझु राम एवं उनकी पत्नी के हिस्से का गेहूं काटकर लगभग सौ बोझ ट्रैक्टर-ट्राली से खेत से घर लाया जा रहा था। जैसे ही ट्रैक्टर उनके घर के समीप पहुंचा, ऊपर से गुजर रहे ढीले और लटकते बिजली तार के संपर्क में आ गया। तार से निकली चिंगारी ने ट्राली पर लदे सूखे गेहूं को अपनी चपेट में ले लिया और पलभर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
हालात की भयावहता को देखते हुए ट्रैक्टर चालक ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए इंजन को ट्राली से अलग कर सुरक्षित कर लिया, लेकिन ट्राली और उस पर लदा पूरा गेहूं आग की भेंट चढ़ गया।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास में बंधे उदित भारती के दो पशु भी बुरी तरह झुलस गए। वहीं बगल में महेश प्रसाद के खेत में बंधकर रखे लगभग पचास बोझ गेहूं भी आग की चपेट में आकर जलकर नष्ट हो गए। इस प्रकार एक ही घटना में कई परिवारों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। शोर-शराबा सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग को आसपास फैलने से रोका। लगभग डेढ़ घंटे की देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने भी आग बुझाने में सहयोग किया, तब जाकर स्थिति पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
पीड़ित किसानों का कहना है कि यह गेहूं ही उनके सालभर के जीवन-यापन का एकमात्र सहारा था, जो अब पूरी तरह जलकर खाक हो चुका है। ऐसे में उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान विमल यादव ने तत्काल क्षेत्रीय लेखपाल अशोक कुमार एवं तहसील प्रशासन को अवगत कराते हुए पीड़ित किसानों और पशुपालकों को शीघ्र आर्थिक सहायता एवं मुआवजा दिलाने की मांग की है।
यह हादसा एक बार फिर विद्युत विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। गांवों में लटकते बिजली तार और जर्जर लाइनें किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकती हैं। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो ऐसे हादसे लगातार किसानों की जिंदगी को तबाह करते रहेंगे।





















