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UGC के नए नियमों के खिलाफ वाराणसी में केसरिया भारत का 36 घंटे से धरना, विनियम को बताया ‘काला कानून’

UGC के नए नियमों के खिलाफ वाराणसी में केसरिया भारत का 36 घंटे से धरना, विनियम को बताया ‘काला कानून’

UGC के नए नियमों के खिलाफ वाराणसी में केसरिया भारत का 36 घंटे से धरना, विनियम को बताया ‘काला कानून’

चन्दौली वाराणसी यूजीसी (UGC) के नए विनियमों के विरोध में केसरिया भारत संगठन के सदस्यों का धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन बुधवार को भी जिला मुख्यालय पर जारी रहा। बीते 36 घंटे से लगातार चल रहे इस धरने में संगठन के लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग की।

धरने को संबोधित करते हुए केसरिया भारत संगठन के कृष्णानंद पांडेय ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यूजीसी का यह नया विनियम एक तरह से ‘काला कानून’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवर्ण समाज की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, जिसे संगठन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपना चाहते हैं, लेकिनडीएम से मुलाकात न हो पाने के कारण संगठन के लोग काफी नाराज दिखे। संगठन ने प्रशासन पर जनता की आवाज अनसुनी करने का आरोप भी लगाया।

धरने पर बैठे संगठन के वरिष्ठ सदस्य बृजेश मिश्रा ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यूजीसी के इस नियम को वापस नहीं लिया गया तो इसका असर आने वाले 2027 और 2029 के चुनावों में देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि उन चुनावों में सवर्ण वर्ग अपनी ताकत दिखाएगा।

धरने के दूसरे दिन भी प्रदर्शन में शामिल हुईं सारिका दूबे ने कहा कि उनके संगठन का मूल मंत्र

“हिंदी, हिंदू और हिंदुस्तान”*

है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार हिंदुओं को आपस में लड़वाने का प्रयास कर रही है।

सारिका दूबे ने कहा कि यह लड़ाई लंबी है और लंबे समय तक चलेगी, लेकिन संगठन इसे पूरी तरह संयम और शांति के साथ लड़ेगा।प्रदर्शन के दौरान जिला मुख्यालय पर भारी संख्या में केसरिया भारत संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे और यूजीसी विनियम को तत्काल वापस लेने की मांग पर अड़े रहे।

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