
प्रेस विज्ञप्ति
जिले में लू, अग्निकांड एवं आकाशीय बिजली से बचाव को लेकर तैयारियों की समीक्षा
श्री पी. एन. राय, सदस्य, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA), पटना एवं जिला पदाधिकारी, गया की अध्यक्षता में जिले में वज्रपात, लू तथा अग्निकांड से होने वाली घटनाओं की रोकथाम एवं उनसे बचाव के उपायों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में वज्रपात से बचाव हेतु पंचायतों में हूटर/सायरन लगाने का प्रस्ताव दिया गया तथा विभिन्न पंचायतों के मुखिया को वज्रपात जैसी आपदा की रोकथाम में एक महत्वपूर्ण संसाधन (Resource) के रूप में सम्मिलित करने की बात कही गई। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जिले में वज्रपात से 29 लोगों की मृत्यु हुई थी।
बैठक में अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS) के सुदृढ़ीकरण तथा लास्ट माइल अलर्ट डिसेमिनेशन को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की गई। इस संदर्भ में दामिनी एवं सचेत जैसे मोबाइल एप्लिकेशन का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि लू (हीट वेव) से बचाव हेतु विस्तृत शमन योजना (Heatwave Mitigation Plan) बजट प्रावधान के साथ तैयार की जाए, ताकि गर्मी के मौसम में आम नागरिकों को राहत प्रदान की जा सके तथा संभावित जोखिमों को कम किया जा सके।
लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भवन उपविधियों (Building By-Laws) की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया, ताकि भविष्य में भवन निर्माण में गर्मी के प्रभाव को कम करने से संबंधित प्रावधानों को शामिल किया जा सके।
हाल के अग्निकांड की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन विभाग को जिले के संवेदनशील पंचायतों एवं स्थानों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अग्निशमन वाहनों में जीपीएस प्रणाली स्थापित करने तथा चालकों एवं अग्निशमन दल के कार्यक्षेत्र को स्पष्ट रूप से निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
आकाशीय बिजली से होने वाली मृत्यु की घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर शमन योजना तैयार करने तथा इस दिशा में तकनीकी संस्थानों के सहयोग से कार्य करने का निर्णय लिया गया।
जनजागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनसंपर्क माध्यमों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा। साथ ही विद्यालयों में संचालित Safe Saturday / सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को आकाशीय बिजली एवं अन्य आपदाओं से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एसडीआरएफ द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक प्रखंड में लगभग 5 किलोमीटर की परिधि में हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
जिला प्रशासन द्वारा वर्ष भर जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से आपदा जोखिम को कम करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का भी निर्देश दिया गया।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि जिले में संभावित आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके
त्रिलोकी नाथ डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर गयाजी बिहार
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