
सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड *धार, 13 जनवरी 2026।* जिला कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा द्वारा विकास खंड डही के ग्राम अतरसुमा में भ्रमण किया गया। जहां कृषि की गतिविधियों का जिसमें आर.पी. एल. सी. कार्यक्रम अंतर्गत समर्थन संस्था के सहयोग से महिला कृषक श्रीमती छाया सोलंकी द्वारा संचालित प्राकृतिक खेती का घटक बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC) का अवलोकन किया।
जिसमे बायो इनपुट जैसे जीवामृत, पुष्पा फायर (जैविक किटनाशक- पत्ती, निम्बोली व मसालों जैसे मिर्च अदरक लसहन से बने), पुष्पा फ्लावर (सोयाबीन टोनिक पौधों में फूल बढ़ाने के लिए), काऊ पिट पेट (माइक्रोबिअल कल्चर), बिस्तरा खाद आदि का अवलोकन किया गया।
इस दौरान महिला किसान छाया दीदी एवं स्व-सहायता समूह की दीदियों से केंद्र के संचालन, लागत, लाभ और विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की गई। महिला किसानो द्वारा यह भी बताया गया कि पिछले खरीफ सीजन में बी.आर. सी. केंद्र के माध्यम से 238 किसानों को ₹1.27 लाख के जैविक इनपुट्स की बिक्री, ₹37,000 का शुद्ध लाभ किसानों को रासायनिक कीटनाशकों की तुलना में ₹1.84 लाख की बचत हुई।जिससे खेती में लागत घटने और आजीविका परियोजना के सहयोग से महिलाओं का पलायन रुका। जिससे गांवों में आजीविका और आत्मनिर्भरता मजबूत हो रही है।
जिला कलेक्टर श्री मिश्रा ने SHG महिलाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुक्षी श्री विशाल धाकड़, उप संचालक कृषि श्री ज्ञानसिंह मोहनिया, राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अधिकारी एवं समर्थन संस्था की टीम उपस्थित रही।







