

💥 दिल्ली लाल क़िला ब्लास्ट में CCTV से बड़ा खुलासा: डॉक्टर उमर मोहम्मद चला रहा था धमाका करने वाली कार, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव की आशंका, एनआईए जांच में जुटी, पूरे उत्तर भारत में हाई अलर्ट 🚨
नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल क़िले के पास हुए भीषण धमाके ने पूरे देश को दहला दिया है। सोमवार की शाम करीब 7:31 बजे हुए इस विस्फोट में अब तक 9 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई है। वहीं, अब सामने आई CCTV फुटेज ने जांच एजेंसियों को नया सुराग दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, जिस हुंडई i20 कार में धमाका हुआ, वह डॉ. उमर मोहम्मद नामक व्यक्ति चला रहा था। फुटेज में कार को शाम करीब 7:28 बजे लाल क़िला पार्किंग से बाहर निकलते हुए देखा गया और कुछ ही मिनट बाद उसी दिशा में तेज़ धमाका हुआ, जिसने आसपास की इमारतों और वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
एनआईए और दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने इस फुटेज को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक विश्लेषण शुरू कर दिया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि ब्लास्ट की टाइमिंग और कार की मूवमेंट में सीधा तालमेल है, जिससे साफ़ संकेत मिल रहे हैं कि यह एक पूर्व नियोजित आतंकी साजिश हो सकती है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के सूत्रों के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर उमर मोहम्मद का नाम पहले भी फरीदाबाद मॉड्यूल के ज़रिए जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़ी गतिविधियों में सामने आया था। उस मॉड्यूल से बरामद हुआ था करीब 2,900 किलो संभावित अमोनियम नाइट्रेट, टाइमर, वॉकी-टॉकी और रिमोट-ट्रिगरिंग डिवाइस। फिलहाल एजेंसियां इस कड़ी को दिल्ली ब्लास्ट से जोड़कर देख रही हैं।
फुटेज में दिखता है कि कार को धीमी रफ्तार में चलाया जा रहा था। ब्लास्ट से पहले कार में ड्राइवर सीट पर उमर मोहम्मद दिखाई देता है, जबकि पीछे की सीट पर दो धुंधले साये नजर आते हैं — जांच एजेंसियों को शक है कि कम से कम तीन लोग इस साजिश में शामिल थे। विस्फोट के बाद कार के परखचे उड़ गए और कुछ टुकड़े पास के रैन बसेरे और पार्क तक जा गिरे। एनआईए की प्राथमिक जांच के अनुसार, यह विस्फोट संभवतः रिमोट कंट्रोल से ट्रिगर किया गया था।
घटना के तुरंत बाद एनआईए, स्पेशल सेल और डीआरडीओ की फॉरेंसिक टीमों ने मौके पर पहुंचकर मलबे और विस्फोटक के सैंपल जुटाए हैं। दिल्ली, मेरठ, अमरोहा और जम्मू में एक साथ छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियों ने करीब 13 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सूत्रों का दावा है कि इन सभी के तार फरीदाबाद मॉड्यूल और उमर मोहम्मद के नेटवर्क से जुड़ सकते हैं।
गृह मंत्रालय ने इस हमले को “राष्ट्र की सुरक्षा पर गंभीर हमला” बताते हुए एनआईए को केस की पूरी जिम्मेदारी सौंप दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने देर रात उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और कहा कि,
“देश में आतंक की कोई जगह नहीं है। जो भी इस कायराना हमले के पीछे हैं, उन्हें कानून के कठघरे में लाकर सख्त सजा दी जाएगी।”
वहीं दूसरी ओर, LNJP अस्पताल में मृतकों और घायलों के परिजनों का दर्द और बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शवों को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे परिवारों में आक्रोश है। यह दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनहीनता का जीता-जागता उदाहरण बन गया है।
घटना के बाद पूरे दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ, जयपुर, जम्मू और श्रीनगर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। मेट्रो, रेलवे स्टेशन और ऐतिहासिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने के निर्देश जारी किए हैं।
जांच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ब्लास्ट में इस्तेमाल विस्फोटक कहां से आया, कार किसके नाम पर थी और उमर मोहम्मद देश से भागने की फिराक में तो नहीं था। सूत्रों का कहना है कि एनआईए को कुछ विदेशी ट्रांजेक्शन और ऑनलाइन चैटिंग रिकॉर्ड भी मिले हैं, जो पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से लिंक का संकेत दे रहे हैं।
इस बीच, सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर यह मॉड्यूल सक्रिय है, तो देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। एनआईए ने पूरे देश में संदिग्धों की वॉचलिस्ट अपडेट कर दी है।
✍️ रिपोर्ट — एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📍सहारनपुर | 📞 8217554083










