
दूषित पानी बना मौत का कारण: 17 जिंदगियां बुझीं, बैरसिया में कैंडल मार्च निकाल कर दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि
बैरसिया।
इंदौर में दूषित पानी पीने से 17 निर्दोष नागरिकों की असमय और दर्दनाक मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह कोई हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का भयावह परिणाम है। दिनांक 7 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीना बोरासी जी के आव्हान पर महिला कांग्रेस द्वारा बैरसिया रेंज चौराहे पर कैंडल मार्च निकालकर दिवंगत आत्माओं को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कैंडल मार्च का नेतृत्व महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव श्रीमती राजकुमारी सुंदरलाल केवट ने किया। उन्होंने कहा कि “पानी जीवन है, लेकिन जब वही पानी मौत बन जाए तो यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। 17 मौतें कोई आंकड़ा नहीं, 17 उजड़े हुए परिवार हैं, जिनकी चीखें सरकार को सुननी चाहिए।”
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा भविष्य में इस तरह की त्रासदी दोहराई न जाए, इसके लिए ठोस व्यवस्था की मांग की। वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समय रहते जल शुद्धिकरण, जांच और निगरानी होती, तो आज 17 घरों के चिराग बुझने से बचाए जा सकते थे।
इस अवसर पर महिला जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा, आफरीन, राधा रैकवार, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मदन ठाकुर, ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, हनीफ भाई एडवोकेट, रमेश यादव, हेमराज यादव, सेवादल जिला अध्यक्ष लोकेश दांगी, शिवनारायण गुर्जर, पूर्व पार्षद लोकेश यादव, वाहिद अली, पी.सी. साहू, हीरालाल सिसोदिया, दीपक यादव, बबलू बरतनी, चंदू यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए।
कैंडल मार्च के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अब लापरवाही नहीं चलेगी। महिला कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और पूरे प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए, ताकि आगे कोई परिवार अपनों को केवल गंदे पानी की वजह से न खोए।
यह कैंडल मार्च न केवल श्रद्धांजलि था, बल्कि आने वाले समय के लिए एक चेतावनी भी—कि जनता अब चुप नहीं रहेगी।









