
*धनबाद :* जिले में 3.5 किलोमीटर लंबे मटकुरिया फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है. जिससे गुलजारबाग में बसे 218 परिवारों के सामने आशियाना छिनने का खतरा बन गया है. अब तक चार-पांच परिवार अपने घर खुद तोड़कर जा चुके हैं. लेकिन बड़ी संख्या में लोग अभी भी वहीं डटे हुए हैं. प्रशासन की ओर से स्पष्ट अल्टीमेटम दिया गया है कि 31 मार्च तक सभी लोग जगह खाली कर दें. इसके बाद 1 अप्रैल से बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी.
*बिना वैकल्पिक व्यवस्था के घर नहीं छोड़ेंगे : प्रभावित परिवार*
इस चेतावनी के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और लोग गोलबंद होकर विरोध की तैयारी में जुट गए हैं. प्रभावित परिवारों का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के वे अपना घर नहीं छोड़ेंगे. लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जबरन कार्रवाई की गई तो वे बुलडोजर के सामने लेट जाएंगे, लेकिन अपने आशियाने को नहीं टूटने देंगे. कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं छोड़ेंगे.
*अधिकतर लोग करते हैं दिहाड़ी मजदूरी*
स्थानीय निवासियों के मुताबिक वे पिछले 70-80 वर्षों से वहीं रह रहे हैं. तीन पीढ़ी वहीं गुजर गए हैं. अधिकतर लोग दिहाड़ी मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं. ऐसे में किराए के घर में रहना उनके लिए संभव नहीं है. उनका आरोप है कि जमीन की मापी के दौरान उन्हें पुनर्वास का आश्वासन दिया गया था. लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
*35 साल पुरानी है योजना : समाजसेवी*
इस मामले पर समाजसेवी मुर्तजा खान ने कहा कि यह लगभग 35 साल पुरानी योजना है, जो अब जाकर धरातल पर उतर रही है. फ्लाईओवर बनने से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार जरूर होगा, लेकिन यहां रहने वाले 218 परिवारों के पुनर्वास पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर कार्य का किसी ने विरोध नहीं किया है. लेकिन उजड़ते अशियाने को लेकर सरकार और प्रशासन से लोगों ने सहयोग करने की बात कही है.














