A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेशताज़ा खबर

विकासखंड महुआ में स्वच्छता अभियान बेअसर, गंदगी का अंबार—जिम्मेदार कौन?

विकासखंड महुआ में स्वच्छता अभियान बेअसर, गंदगी का अंबार—जिम्मेदार कौन?

गिरजा शंकर अवस्थी ब्यूरो बांदा

बांदा जनपद के विकासखंड महुआ में स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत सवालों के घेरे में है। एक ओर शासन द्वारा स्वच्छता को लेकर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महुआ विकासखंड परिसर और आसपास के क्षेत्रों में गंदगी का अंबार देखने को मिला।
स्थानीय निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर जल रिसाव, सड़कों व नालियों के किनारे कूड़ा-कचरा बिखरा हुआ, तथा खंड विकास अधिकारी कार्यालय के ठीक बगल में पान मसाले के छींटे साफ नजर आए। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि स्वच्छता अभियान की गंभीरता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जब प्रशासनिक कार्यालयों के आसपास ही स्वच्छता नहीं, तो आम ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था की क्या स्थिति होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
अब सवाल यह उठता है कि—
क्या इसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है?
क्या विकासखंड स्तर के अधिकारी अपनी निगरानी जिम्मेदारी निभा रहे हैं?
या फिर स्वच्छता के नाम पर खर्च की जा रही धनराशि केवल कागजों तक सीमित है?
जनता का कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक ऐसे अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह जाएंगे। शासन को चाहिए कि मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करे, ताकि स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य वास्तविक रूप से पूरा हो सके।

Back to top button
error: Content is protected !!