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सहारनपुर में अवैध निर्माण पर SDA का बुलडोज़र एक्शन: 5 बड़े निर्माण सील

सख्ती या औपचारिकता? उठे बड़े सवाल

🚨 सहारनपुर में अवैध निर्माण पर SDA का बुलडोज़र एक्शन: 5 बड़े निर्माण सील — सख्ती या औपचारिकता? उठे बड़े सवाल ⚠️🏗️

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सहारनपुर विकास प्राधिकरण (SDA) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के विभिन्न इलाकों में व्यापक सीलिंग अभियान चलाया। 17 मार्च 2026 को उपाध्यक्ष एवं सचिव के निर्देश पर जोन-1 और जोन-12 में चल रहे अनाधिकृत निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए कुल 5 स्थानों को सील कर दिया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से निर्माणकर्ताओं और स्थानीय व्यापारियों में हड़कंप मच गया। 🚔

जोन-1 के अंतर्गत टपरी रोड स्थित धर्मवीर कॉलोनी में धर्मवीर सिंह द्वारा संचालित लगभग 500 वर्गमीटर क्षेत्र में बना “संगम पैलेस” बैंकट हॉल सील कर दिया गया। जांच में पाया गया कि यह निर्माण लगभग 1600 वर्गमीटर क्षेत्र में बिना वैध अनुमति के संचालित हो रहा था। इसके अलावा शेखपुरा कदीम में पेपर मिल गोदाम के सामने आफताब द्वारा करीब 2000 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाई जा रही बाउंड्रीवाल और लगभग 15 फीट ऊंचे मुख्य गेट के निर्माण को भी अवैध पाते हुए बंद करा दिया गया। 😠

जोन-12 में मटिया महल क्षेत्र में वरुण स्टेशनरी के सामने त्रिलोक चायला द्वारा बनवाई जा रही लगभग 340 वर्गमीटर क्षेत्र में 6 दुकानों के निर्माण को भी सील कर दिया गया। वहीं मीरकोट स्थित कौशल्या मार्केट में प्रदीप कुमार मित्तल द्वारा बनाए जा रहे व्यावसायिक हॉल (भूतल, लिंटल स्तर तक) पर भी कार्रवाई की गई। इसके अलावा देहरादून रोड पर एसएसपी आवास के समीप जी.डी. अग्रवाल द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत प्रथम तल पर सेटबैक कवर करते हुए किए जा रहे निर्माण को भी रोक दिया गया। 🏢

यह पूरी कार्रवाई सहायक अभियंता शमीम अख्तर, अवर अभियंता आशीष सक्सैना, मेट लाल बहादुर और अमरनाथ की टीम द्वारा पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न कराई गई। अधिकारियों का कहना है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ⚖️

❗ लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी बाकी…

शहर में चर्चा इस बात की है कि क्या यह कार्रवाई वास्तव में अवैध निर्माणों पर लगाम लगाने के लिए है या फिर महज औपचारिकता साबित होगी। अक्सर देखा गया है कि सीलिंग के बाद कुछ समय में ही मानचित्र स्वीकृत कराने या जुर्माना जमा कराने के नाम पर सील हट जाती है और निर्माण फिर शुरू हो जाता है। 🤔

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में सख्त है, तो अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर उदाहरण पेश किया जाना चाहिए, अन्यथा यह कार्रवाई सिर्फ कागजी बनकर रह जाएगी। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि सीलिंग के बाद विभाग को भारी राजस्व भी प्राप्त होता है, इसलिए कई मामलों में नियमितीकरण का रास्ता अपनाया जाता है। 💰

फिलहाल पूरे शहर की नजर इस बात पर टिकी है कि SDA आगे क्या कदम उठाता है — क्या नियमों के तहत कठोर कार्रवाई होगी या फिर “सील हटाओ, निर्माण चलाओ” वाला पुराना खेल दोहराया जाएगा। 🚨

✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – हलचल इंडिया न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर

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