
सहारनपुर। #घंटाघर चौक के होटलों पर संदिग्ध गतिविधियों का साया? मंदिर के सामने कथित देह व्यापार की शिकायतों से सनसनी, प्रशासन की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
सहारनपुर। शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले घंटाघर चौक से एक अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों तथा कुछ मीडिया सूत्रों के अनुसार, हनुमान मंदिर के ठीक सामने और शराब ठेके के आसपास स्थित कुछ होटलों में रात के समय कथित रूप से देह व्यापार जैसी अवैध गतिविधियों के संचालन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। यह क्षेत्र धार्मिक, व्यावसायिक और यातायात की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, ऐसे में इस प्रकार की खबरों ने आम जनता में गहरी चिंता पैदा कर दी है।
बताया जा रहा है कि जिस होटल को लेकर सबसे अधिक चर्चा है, वहां किसी प्रकार का स्पष्ट नाम, साइनबोर्ड या पहचान चिन्ह प्रदर्शित नहीं है। बाहर से केवल शीशे के गेट दिखाई देते हैं, जिससे सामान्य राहगीर को यह एक सामान्य व्यावसायिक स्थल प्रतीत होता है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम ढलते ही यहां संदिग्ध गतिविधियां तेज हो जाती हैं और देर रात तक अनजान लोगों की आवाजाही बनी रहती है। आसपास के दुकानदारों का कहना है कि रात में कई बार वाहन रुकते हैं, लोग अंदर जाते हैं और कुछ समय बाद बाहर निकलते देखे जाते हैं।
नाबालिग लड़कियों की संलिप्तता की आशंका
कुछ नागरिकों और सूत्रों ने यह भी गंभीर आशंका जताई है कि इन कथित गतिविधियों में कम उम्र की लड़कियों को बहला-फुसलाकर शामिल किए जाने की बातें सामने आ रही हैं। यदि ऐसी शिकायतों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह मामला केवल अनैतिक व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बाल यौन शोषण, मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट जैसे कठोर कानूनों के अंतर्गत आने वाला गंभीर अपराध बन सकता है। हालांकि, इन दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासनिक जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।
पुलिस चौकी के पास फिर भी कार्रवाई नहीं?
सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि घटनास्थल के बेहद निकट पुलिस चौकी मौजूद है और 112 नंबर की गश्ती टीमें भी नियमित रूप से इस क्षेत्र से गुजरती हैं। ऐसे में स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि वाकई अवैध गतिविधियां चल रही हैं, तो उन पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कुछ लोगों का आरोप है कि शिकायतें पहले भी की गईं, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। हालांकि, पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से किसी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत की पुष्टि नहीं की गई है।
मीडिया कवरेज के बाद बढ़ा मामला
जानकारी के अनुसार, हाल ही में कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया था। इसी क्रम में एक पत्रकार द्वारा कवरेज किए जाने के दौरान कथित रूप से हाथापाई की घटना भी सामने आई, जिसकी लिखित शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए जाने की बात कही जा रही है। इस घटना ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है तथा पत्रकार सुरक्षा का प्रश्न भी खड़ा कर दिया है।
धार्मिक स्थल के सामने ऐसी शिकायतें
हनुमान मंदिर, जो इस क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है, उसके ठीक सामने ऐसी गतिविधियों की चर्चा ने सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं को भी चिंतित कर दिया है। उनका कहना है कि यह न केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मर्यादाओं से भी जुड़ा विषय है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि परिवारों और महिलाओं का इस मार्ग से आवागमन रहता है, ऐसे में यदि अवैध गतिविधियां होती हैं तो यह सार्वजनिक वातावरण को भी प्रभावित करता है।
संगठित गिरोह की आशंका
कुछ सूत्रों ने दावा किया है कि इस तरह के कथित रैकेट अक्सर संगठित तरीके से संचालित होते हैं, जिनमें एजेंट, होटल संचालक और अन्य लोग शामिल हो सकते हैं। हालांकि यह केवल आशंका है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि यदि जांच गहराई से हो तो पूरा नेटवर्क सामने आ सकता है। इस संदर्भ में मानव तस्करी निरोधक इकाइयों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासन से क्या मांग?
क्षेत्र के नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कुछ जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। प्रमुख मांगें इस प्रकार बताई जा रही हैं:
- संदिग्ध होटलों की अचानक जांच (रेड)
- सभी कमरों, रजिस्टर और आगंतुक विवरण की जांच
- आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना
- होटल संचालन के लाइसेंस और दस्तावेजों का सत्यापन
- यदि नाबालिगों की संलिप्तता मिले तो उन्हें सुरक्षित संरक्षण देना
- दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई
पुलिस का पक्ष
पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मामले की शिकायतों के आधार पर जांच की जा रही है। आधिकारिक रूप से अभी किसी गिरफ्तारी या बड़े खुलासे की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों की जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
शहर की छवि पर असर
घंटाघर चौक सहारनपुर का प्रतीक स्थल माना जाता है। ऐसे इलाके से इस तरह की शिकायतें सामने आना शहर की छवि पर भी असर डाल सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समाज के नैतिक ढांचे के लिए भी खतरा है।
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में बताया जा रहा है। आम नागरिकों की निगाह अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि इन शिकायतों की सच्चाई क्या निकलती है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
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