

पुलिस लाइन डबवाली में जनरल परेड का आयोजन
पुलिस अधीक्षक ने थाना, चौकी प्रभारियों सहित अनुसंधानकर्ताओं को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
डबवाली, 16 मार्च । सोमवार को जिला पुलिस लाइन डबवाली में जनरल परेड का आयोजन किया गया । इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस ने परेड का बारीकी से निरीक्षण किया ।
परेड के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रबंधकों, चौकी प्रभारियों, जांच अधिकारियों (अनुसंधानकर्ताओं) व अन्य पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और अनुसंधान कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए ।
पुलिस अधीक्षक ने अनुसंधानकर्ताओं को निर्देश दिए कि सभी मामलों की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर की जाए । उन्होंने कहा कि अनुसंधान के दौरान घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण, साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, गवाहों के बयान समय पर दर्ज करना तथा केस डायरी को नियमित रूप से अपडेट करना सुनिश्चित किया जाए । उन्होंने कहा कि गंभीर मामलों की जांच प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण की जाए।
उन्होंने सभी जांच अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों की समीक्षा कर उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए और अदालतों में पेश किए जाने वाले चालान मजबूत साक्ष्यों के आधार पर तैयार किए जाएं, ताकि अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाई जा सके । उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक अनुसंधानकर्ता अपने केसों की प्रगति की नियमित समीक्षा करें और उच्च अधिकारियों को समय-समय पर इसकी जानकारी दें।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रबंधकों को निर्देश दिए कि थानों में रखे जाने वाले सभी रजिस्टर, रिकॉर्ड और दस्तावेज पूरी तरह कंप्यूटरीकृत व अपडेट रखें, ताकि उच्च अधिकारियों द्वारा मांगी गई जानकारी निर्धारित समय सीमा में भेजी जा सके । उन्होंने कहा कि पीएम विंडो, सीएम विंडो व हरसमय पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निपटारा किया जाए, जिससे आमजन को समय पर न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि फरियाद लेकर आने वाले लोगों के साथ संवेदनशील और मैत्रीपूर्ण व्यवहार किया जाए । थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज स्वयं शिकायतकर्ता से मिलकर उनकी समस्या को ध्यानपूर्वक सुनें और प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें । उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता और संवेदनशीलता होने से आमजन का विश्वास पुलिस पर और अधिक मजबूत होता है।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक के प्रयोग के प्रति जागरूक करते हुए निर्देश दिए कि वे स्वयं को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित व सक्षम बनाएं, ताकि डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन पोर्टल और तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए पुलिस कार्य को अधिक प्रभावी बनाया जा सके ।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने थाना क्षेत्र में लंबित मामलों और केस प्रॉपर्टी का शीघ्र निपटारा करवाएं । इसके अलावा थानों में लंबे समय से खड़े जब्तशुदा पुराने वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए ।
पुलिस अधीक्षक ने ग्राम प्रहरी योजना के तहत रखे जाने वाले रजिस्टरों को सही ढंग से मेंटेन करने और उन्हें नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गांव स्तर पर सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहतर होने से अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और अपराध पर नियंत्रण करने में काफी मदद मिलती है।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से गश्त व पेट्रोलिंग करें तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखें। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों व गांवों में जाकर युवाओं व आमजन को नशे के दुष्प्रभावों, साइबर अपराधों, महिला सुरक्षा व यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए ।
पुलिस अधीक्षक ने ओवरस्पीड, बिना नंबर प्लेट, वाहनों पर अवैध ब्लैक फिल्म, नशे में वाहन चलाने (ड्रंकन ड्राइव) वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए ।
इसके अतिरिक्त उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्र में समय-समय पर पीस कमेटी की बैठक आयोजित करें, ताकि स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद स्थापित कर क्षेत्र में शांति, आपसी भाईचारा और कानून-व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य आमजन को सुरक्षा प्रदान करना, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखना और लोगों में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखना है। इसके लिए सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी, ईमानदारी और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।



