
अंधविश्वास बना जान का दुश्मन, तांत्रिक के बहकावे में फंसे वृद्ध की जान बचाई
फिरोज़ाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र में अंधविश्वास का ऐसा मामला सामने आया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। 65 वर्षीय एक वृद्ध ने तांत्रिक के कहने पर अपने प्राइवेट पार्ट पर लोहे का छल्ला पहन लिया। तांत्रिक ने उसे भरोसा दिलाया था कि ऐसा करने से उसकी किस्मत बदल जाएगी और बुरा समय टल जाएगा। लेकिन यह तथाकथित उपाय उसकी ज़िंदगी के लिए भारी साबित हुआ।
रविवार दोपहर लगभग 3 बजे वृद्ध की हालत अचानक बिगड़ने लगी। लोहे का छल्ला कस जाने से उसकी टॉयलेट पूरी तरह रुक गई और दर्द असहनीय हो गया। परिजनों ने तुरंत उसे फिरोज़ाबाद के सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।
अस्पताल में तैनात EMO डॉ. आर.पी. सिंह और उनकी टीम ने गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत उपचार शुरू किया। कई प्रयासों और सावधानी के बाद डॉक्टरों ने लोहे का छल्ला सुरक्षित तरीके से निकालने में सफलता हासिल की। समय पर मिली मेडिकल सहायता के कारण वृद्ध की जान बच सकी और फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि अंधविश्वास न केवल गलत है, बल्कि कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है। बिना वैज्ञानिक आधार के किए जाने वाले ऐसे ‘उपाय’ गंभीर शारीरिक नुकसान का कारण बनते हैं।
यह पूरा मामला एक बार फिर समाज के सामने बड़ा सवाल खड़ा करता है—
क्या अंधविश्वास के नाम पर लोगों की जिंदगी को इस तरह खतरे में डालना कब बंद होगा?
मेडिकल साइंस की उपेक्षा कर झाड़-फूंक और तांत्रिकों पर विश्वास करना लोगों को किस हद तक नुकसान पहुंचा सकता है, यह घटना उसकी स्पष्ट मिसाल है।











