
अम्बे माइनिंग आउटसोर्सिंग नहीं कर रहे है DGMS का आदेश का पालन ।
अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र लिखकर कहा कि बीसीसीएल क्षेत्र सं0 04 में चल रहे अम्बे माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी में कुछ दिन पूर्ण एक बड़ी दुर्घटना घटी थी, जिसमें कई मजदूरों की मौत भी हुई थी, जिसके बाद जांच उपरांत बीसीसीएल के DGMS ने खदान को बंद कर दिया था। फिर बिना DGMS के आदेश के खदान कैसे चालू हो गई, यह DGMS के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है, बिना आदेश के कम्पनी ने कार्य को शुरू कर दिया जब तक आउटसोर्सिंग कंपनी को आदेश नहीं दिया जाता, तब तक आउटसोर्सिंग कंपनी के महाप्रबंधक को खदान चालू नहीं करनी चाहिए थी, परंतु एक सोची-समझी साजिश के तहत आउटसोर्सिंग कंपनी को चालू कर दिया गया। यदि आउटसोर्सिंग कंपनी चालू करने का DGMS का आदेश है, तो उसे महाप्रबंधक सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करें; नहीं तो इसे गैरकानूनी माना जाएगा। क्योंकि कहीं भी खदान या खान में कोई घटना घटती है, तो DGMS को पूर्ण अधिकार है कि उसे कंपनी का कार्य पर रोक थम लगा सकती है लेकिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से जब तक जिस आउटसोर्सिंग कंपनी में घटना घटी है, जब तक उस कंपनी में वहाँ DGMS खुद से जांच नहीं कर लेते, तब तक खदान बंद रहनी चाहिए। लेकिन आखिर खदान कैसे चालू कर दी गई, यह जांच का विषय है। ये तो साफ प्रतीत होता है कि कंपनी के महा प्रबंधक ने खुलेआम मनमानी करते हुए DGMS के आदेश का उल्लंघन कर कंपनी का कार्य शुरू किया है इसलिए ऐसे कम्पनी को अबीलम ब्लैक लिस्टेड किया जाना चाहिए और कंपनी प्रबंधन पर कड़ी कार्यवाई होने चाहिए और कोयला मंत्री से सदर अनुरोध करते हुए कहा कि अपने स्तर से इस मामले पर पुनः संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई कराने की कृपा करें, ताकि आए दिन खदानों में ऐसी घटनाएँ घट न सकें और इस पर रोक लगाई जा सके।







