
आरटीई का कड़ाई से अनुपालन कर बीएसए और बीईओ के खिलाफ सख्त कार्यवाही करे सरकार — आर के पाण्डेय एडवोकेट।
— गैर मान्यता प्राप्त व मानक विहीन विद्यालयों के संचालन का मामला।
प्रयागराज। आर टी ई ऐक्ट, 2009 लागू होने के 14 वषों बाद भी उत्तर प्रदेश में सभी जनपदों में गैर मान्यता प्राप्त, मानक विहीन, अवैध विद्यालयों के संचालन के लिए सीधे बीएसए और बीईओ को जिम्मेदार मानकर उनके विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग सरकार से वरिष्ठ समाजसेवी अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने किया है।
उपरोक्त के संदर्भ में मीडिया से बातचीत में आर के पाण्डेय एडवोकेट ने बताया कि राइट टू एजुकेशन ऐक्ट,2009 लागू होने के 14 वर्षों बीत जाने के बाद भी उत्तर प्रदेश में हर जिले में अनगिनत गैर मान्यता प्राप्त, मानक विहीन, अवैध विद्यालयों का संचालन पाया जा रहा है परंतु इस संदर्भ में साक्ष्य सहित लिखित शिकायतों के बावजूद संबंधित बीएसए और बीईओ द्वारा समय से सही कार्यवाही नहीं की जाती है। उन्होंने बताया कि स्वयं उनके द्वारा वर्ष 2016 में चलाए गए व्यापक अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में तमाम विद्यालयों को सीज करके एफआईआर दर्ज किए गए परंतु अभी भी हर जिले में अनगिनत गैर मान्यता प्राप्त, मानक विहीन विद्यालय अनवरत संचालित हैं। आर के पाण्डेय ने सवाल किया कि व्यवस्था को देखने के लिए बैठे हुए बीएसए और बीईओ को यह क्यों नहीं दिखाई देता जोकि आम जनमानस को दिखता है। जाहिर है कि ऐसे अवैध संचालन में बीएसए और बीईओ की संलिप्तता होता है इसीलिए गैर मानता प्राप्त, मानक विहीन, अवैध विद्यालयों के संचालन के संदर्भ में सीधे बीएसए और बीईओ को जिम्मेदार मानकर उनके खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए।







