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नशा एक बीमारी अनेक, इसके दुष्प्रभावों को पहचानें’ संदेश के साथ पुलिस अधीक्षक डबवाली एमएम मेमोरियल स्कूल ओढ़ा में पहुंचे

नशा एक बीमारी अनेक, इसके दुष्प्रभावों को पहचानें’ संदेश के साथ पुलिस अधीक्षक डबवाली एमएम मेमोरियल स्कूल ओढ़ा में पहुंचे

रिपोर्टर इन्द्र जीत

लोकेशन कालावाली

*बाल दिवस पर आयोजित खेल कूद प्रतियोगिता के आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचकर बढ़ाया युवा खिलाड़ियों का मनोबल*

*साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता एक अहम हथियारः- एसपी*
डबवाली 14 नवम्बर । हरियाणा को नशा मुक्त बनाने की मुहिम में डबवाली पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ रही है, इसके लिए नशा तस्करों को जेल भेजना हो या नशा पीड़ितों को इलाज उपलब्ध कराना हो, डबवाली पुलिस इस कार्य को अपना प्रथम लक्ष्य मानकर पूरी लगन और मेहनत से कर रही है । इसी अभियान में एक और अध्याय जोड़ते हुए पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर ने गांव औढ़ा में एमएम मेमोरियल सी. सै. स्कूल में बाल दिवस पर आयोजित की गई खेल प्रतियोगिता के आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचकर युवाओं का मनोबल बढ़ाया । इस दौरान कबड्डी, फुटबॉल व रस्सा कस्सी जैसी खेल प्रतियोगिताओं में युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई । इस अवसर पर उनके साथ प्रबंधक महिला थाना उप नि. कमला देवी व अन्य पुलिस कर्मियों के साथ स्कूल प्रिंसिपल सीमा बेनीवाल, निदेशक गुलाब सिंह व प्रबंधक निदेशक सतनाम सिंह के साथ स्कूल स्टाफ के सदस्य मौजूद रहे । इस अवसर पर युवा खिलाड़ियों ने पुलिस अधीक्षक के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करने में आने वाले समस्याओं पर प्रश्न पूछे । जिसके संबंध में पुलिस अधीक्षक ने युवा खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन किया और नशे, कुसंगति से दूर रहकर मोबाइल का सही उपयोग करते हुए अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया । इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर उनका हौसला बढ़ाया और हर क्षेत्र में अपने माता पिता व क्षेत्र का नाम रोशन करने की प्रेरणा दी ।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने युवाओं का हौसला अफजाई करते हुए कहा कि अकेला नशा कई बीमारियों को आमंत्रित करता है, इसलिए यह अति आवश्यक है कि युवा इसके दुष्प्रभावों को परचाने व इस गर्त से जितना हो सके उतना दूर रहें व इस संदेश को अपने परिवार व समाज तक पहुंचाएं । उन्होंने युवाओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि आप भविष्य में देश का नाम रोशन करोगे और युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बनोगे । उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि युवा नशे को त्याग कर जीवन में एक लक्ष्य को निर्धारित करें व उसे पूरा करने में जी जान से मेहनत करें । उन्होने बताया कि गलत संगत में पड़कर नौजवान बच्चे शौक शौक में नशे की बुरी लत को पाल लेते हैं । अकेला नशा बाद में नशे की पूर्ति के लिए अन्य अपराधों का जन्म ले लेता है जिसमें नौजवान चोरी, स्नैचिंग, लूट तथा अवैध हथियार के साथ वारदातों को अंजाम देते हैं जिसके कारण उनकी हंसती खेलती जिंदगी बर्बाद हो जाती है । जिसके कारण युवा इस दलदल में फंसते ही चले जाते हैं । ऐसे समय में युवाओं के साथ-साथ उनके अभिभावकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें । किसी भी प्रकार की समस्या नजर आने पर आराम से बात कर उन्हें इस दलदल में से निकलने में सहायता करें व उनका मार्गदर्शन करें और बुरी संगति से दूर रहने की सलाह दें । क्योंकि हमें नशे से शुरुआत में ही लड़ना होगा जिससे कि हम अपनी स्वास्थ्य व धन के साथ अपने परिवार की खुशियों को बचा सके । उन्होंने कहा कि अगर उनके क्षेत्र में कोई नशा तस्करी,नशा बेचने संबंध में कार्य करता है तो इसकी सूचना हेल्पलाइन न. 1933 पर दें । साथ ही अपने नजदीकी थाना, चौकी या डबवाली पुलिस के मो.न. 9138999745 पर भी अपनी शिकायत दे सकते हैं । सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी । युवाओं ने पुलिस प्रशासन का नशे को समाज से दूर करने की इस मुहिम में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया ।
साइबर अपराधों के मामलों में उपभोक्ता की अहम भूमिका को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे पहला कदम है उपभोक्ता का जागरूक होना । उपभोक्ता को यह जानकारी होनी चाहिए कि महंगी वस्तुओं को सस्ते दामों में बेचने का दावा करने वाले ऑनलाइन प्लेटफार्म, एप्प व वेबसाइटों से सावधान रहें, एक बार उपभोक्ता इनके जाल में फंस जाता है तो साइबर ठग रिफंड देने का झांसा देकर आपकी जमापूंजी पर हाथ साफ कर देते हैं । इसी तरह आजकल युवाओं में सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को सबसे बड़ी समस्या बताया कि युवा सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी व फोटो शेयर कर देते हैं जिसका इस्तेमाल करके साइबर ठग उनकी डीपफेक वीडियो या फोटो बना कर उन्हें ब्लैकमेल करते हैं । इसका एक ही बचाव है जागरूकता । सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी कम से कम शेयर करें और अगर किसी वेबसाइट या पोर्टल की जानकारी ना हो तो उस पर अपनी निजी जानकारी आधार कार्ड, पैन कार्ड, खाता संख्या इत्यादि कभी शेयर न करें । कोई भी बैंक आपसे मैसेज या कॉल पर आपकी निजी जानकारी खाता संख्या, सीवीवी, एक्सपायरी डेट इत्यादि नहीं मांगता । ये साइबर ठगों का जाल है । इनसे सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी होने पर तुरंत केन्द्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, जितना जल्दी आप साइबर ठगी की शिकायत करेंगे, आपके पैसे वापस आ सकते हैं । आपकी शिकायत पर साइबर ठगों द्वारा धोखाधड़ी में प्रयोग किया जाने वाला बैंक खाता तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया जाएगा । इसलिए जागरूक बनें सतर्क रहें । साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों के लिए शिकायत कर्ता अपने नजदीकी थाना की साइबर हेल्प डेस्क पर जाकर भी सहायता ले सकते हैं ।

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